दरोगा ने युवक को मारा थप्पड़, मौत
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मूल रूप से बरौली जवां का अफजाल (28) पुत्र शौकत तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह अपनी ससुराल नगला पटवारी में मकान बनाकर बड़े भाई लियाकत संग पत्नी सोनम व दो बेटी, एक बेटे को लेकर रह रहा था। परिजनों के अनुसार काफी समय से वह अस्थमा व क्षय रोग से पीड़ित था और उसका इलाज भी चल रहा था। इन दिनों वह एक ब्राइट फैक्ट्री में काम कर रहा था। कुछ समय से बेटी की भी तबियत खराब हो गई थी। दोपहर करीब 12 बजे वह अपनी बाइक पर अपनी व बेटी की दवा लेने जिला अस्पताल जा रहा था। वह जैसे ही कठपुला पर चढ़ने लगा तो वहां चेकिंग कर रहे यातायात पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। उसके पास गाड़ी के कागज नहीं थे। उसने अपनी बीमारी के तर्क दिए। इस बात पर बहस हुई और दरोगा ने उसकी बात बिना सुने गाड़ी सीज कर दी। इसी दौरान बहस में दरोगा ने उसे थप्पड़ जड़ दिया, जिससे वह बेसुध होकर वहीं गिर गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे देखने या अस्पताल पहुंचाने तक की जहमत नहीं उठाई। दो प्रत्यक्षदर्शी अतर सिंह निवासी समस्तपुर हरदुआगंज व नवी अहमद निवासी जमालपुर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने फौरी तौर पर माना कि वह दहशत में हृदयाघात से मरा है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी के अनुसार मुआवजे आदि को लेकर अधिकारियों में विमर्श चल रहा है। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया, वहीं पिता की ओर से अज्ञात पुलिस कर्मी के खिलाफ तहरीर भी दी गई है।
वाहन चेकिंग के दौरान दरोगा पर थप्पड़ मारने का आरोप है, जिससे युवक की अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों व डॉक्टरों ने उसे अस्थमा व क्षय रोग का पुराना रोगी बताया है। बीमारी व दहशत में उसकी मौत का अंदेशा है। उसके परिजन जो कहेंगे, उसके अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अतुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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