फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Due to fake doctor in district hospital, commotion

जिला अस्पताल में फर्जी डाक्टर दबोचा, हंगामा

Sat, 07 Oct 2017 01:22 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Sat, 07 Oct 2017 01:22 AM IST
विज्ञापन
Due to fake doctor in district hospital, commotion
जिला अस्पताल में फर्जी डाक्टर दबोचा, हंगामा - फोटो : Rupesh
मलखान सिंह जिला अस्पताल में फल वितरण करने गए भाजपा नेताओं ने शुक्रवार को एक फर्जी डॉक्टर को दबोच कर सीएमएस को सौंपा। साथ ही अस्पताल में ही बैठकर अपने ही प्राइवेट मेडिकल स्टोर की दवा मरीजों को लिखने वाले मेडिकल स्टोर संचालक को भी दबोच लिया गया। सीएमएस के कक्ष में भाजपा नेता और दुकानदारों में जमकर नोकझोंक हुई। पूरे प्रकरण की लिखित में सीएमएस को शिकायत कर दी गई है। सीएमएस ने आश्वासन दिया है कि वह डॉक्टर और मेडिकल स्टोर दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे।
विज्ञापन


शुक्रवार की सुबह वाल्मीकि जयंती महोत्सव के क्रम में भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, पूर्व महानगर महामंत्री प्रदीप पेंटर, करन वार्ष्णेय किंसू, पंकज सैनी आदि अस्पताल में फल वितरण करने गए थे। अस्पताल में प्रेमवती पत्नी कालीचरण, निवासी गांव वाजिदपुर, थाना खुर्जा बुलंदशहर की बेटी कुसुम पत्नी गिर्राज, नगला मान, हाथरस भर्ती है।
विज्ञापन


प्रेमवती हाथ में एक पर्ची लेकर अचानक भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ से यह पूछ बैठी कि डॉक्टर ने यह दवा लिखी है यह कौन से मेडिकल स्टोर पर मिलेगी। मेडिकल स्टोर का नाम सुनते ही भाजपा नेता का माथा ठनका। पर्ची पर देखा तो साधारण सीरप लिखे थे और अस्पताल के बाहर खुले एक निजी मेडिकल स्टोर का नाम लिखा था। प्रेमवती से जब पूछा कि यह किसने लिखा है तो उसने बताया कि कमरा नंबर 18 में एक डॉक्टर बैठे हैं, उन्होंने लिखा है। जब कमरा नंबर 18 में जाकर देखा तो वहां पर मेडिकल स्टोर संचालक खुद डॉक्टर बनकर बैठा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा नेताओं ने उसे पकड़ लिया और सीएमएस कक्ष में ले गए। यहां पर यह भी जानकारी हुई कि कमरा नंबर 18 में मेडिकल स्टोर वाले के पास उसे अस्पताल के ही एक डॉक्टर ने भेजा था। पूरा मामला सीएमएस के सामने रखा गया। इस बीच बाहर के दुकानदार भी आ गए। दुकानदारों और भाजपा नेताओं  में जमकर नोकझोंक हुई। बाद में सीएमएस को फर्जी डाक्टर (प्राइवेट मेडिकल स्टोर संचालक), उसकी लिखी पर्ची, अस्पताल के डॉक्टर से उसकी साठगांठ आदि के संबंध में लिखित शिकायत दी गई। जिस पर सीएमएस ने नोटिस सहित विभागीय कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

हंगामे के दौरान ही एक और दवा लिखने का मामला आया
अलीगढ़। सीएमएस कक्ष में यह मामला अभी चल ही रहा था कि एक और मामला बाहर की दवा लिखने का आया। नगला मान सिंह निवासी दीपचंद अपनी पत्नी राजकुमारी को लेकर सीएमएस कक्ष में आया और कहा कि उसे बाहर के यह ट्यूब और गोलियां लिखी गई हैं। यह सुनकर भाजपा नेताओं को अपनी शिकायत का और मजबूत आधार मिल गया और विरोध करने आए प्राइवेट मेडिकल स्टोर वाले चुपचाप खिसक गए।


बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इसमें जो डॉक्टर हैं उनकी ड्यूटी ऑपरेशन रूम में लगाई थी, लेकिन वह वहां नहीं थे। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही अस्पताल में घुसकर अपने ही मेडिकल स्टोर की दवा लिखने वाले मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ भी मैं रिपोर्ट दर्ज कराऊंगा। इन दोनों को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
- डॉ. रामकिशन, सीएमएस, मलखान सिंह जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed