फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   जमीन कब्जाने के लिए धर्मपरिवर्तन, मुकदमा दर्ज-Cordination

जमीन कब्जाने के लिए धर्मपरिवर्तन, मुकदमा दर्ज-Cordination

Mon, 03 Dec 2018 02:11 AM IST
Updated Mon, 03 Dec 2018 02:11 AM IST
विज्ञापन
जमीन कब्जाने के लिए धर्मपरिवर्तन,  मुकदमा दर्ज-Cordination
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


फर्जीवाड़ा कर संपत्ति हड़पने के लिए दलित से मुस्लिम बने लोगों व इसकी साजिश रचने वाले पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह मुकदमा हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच के बाद तथ्य उजागर होने पर किया गया है। अब पुलिस फर्जीवाड़े के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है। यह प्रकरण जवां के रिगसपुरी की एक जमीन से जुड़ा है जिसका पूर्व मालिक हरियाणा के नूह का रहने वाला था।

भाजपा जिला महामंत्री गौरव शर्मा व जिला प्रवक्ता डॉ. निशित शर्मा की मदद से यह शिकायत गांव के इलियास खां पुत्र अलीमुद्दीन की ओर से की गई थी। जिस पर जांच के बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमे के अनुसार उसके गांव में रहने वाले मेवाती समाज के चाहत खां, अपनी पत्नी महरू निशा, बेटे रईस व भौंदा खां संग काफी समय पहले परिवार सहित गांव छोड़कर हरियाणा के नूह में जाकर बस गए।
विज्ञापन


उनकी मृत्यु के बाद चाहत के इकलौते वारिस बचे बेटे रईस खां ने यहां गभाना तहसील आकर वर्ष 2012 में अपने नाम आई पिता की संपत्ति का बैनामा रिगसपुरी के ही इलियास, इरशाद व आरिफ के नाम कर उन्हें बेच दी। इसके बाद वह भी वापस नूह चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप के अनुसार इस बैनामा के बाद गांव के ही अकरम खां ने इस संपत्ति पर कब्जे की नीयत से साजिश रचते हुए हाथरस जनपद के रहने वाले दो दलितों रहीशपाल व जितेंद्रपाल को यहां लाकर उन्हें मृत भौंदा व जीवित रईस बताकर संपत्ति का असल मालिक व वारिस बताया।

उनके नाम गांव के परिवार रजिस्टर में दर्ज कराकर उनकी ओर से बैनामा कराने वाले इलियास आदि पर फर्जी बैनामा कराने का मुकदमा गभाना थाने में दर्ज करा दिया। इसमें नामजद लोगों को अदालत से जमानत करानी पड़ी। बाद में वह लोग हाईकोर्ट गए और वहां से आदेश लेकर आए।

इस आदेश पर खंड विकास अधिकारी धनीपुर ने जांच की, जिसमें परिवार रजिस्टर से चाहत खां के परिवार के नाम हटाने की संस्तुति की गई। फिर पीड़ितों ने खोजबीन कर पाया कि जो लोग खुद को मृत भौंदा व रईस बता रहे हैं, वह हाथरस के दलित हैं।

साथ ही यह पाया कि दलितों की बहन को भी मुस्लिम बनाकर यहां रिगसपुरी के ही दूसरे मुस्लिम आरोपी ने शादी कर ली है ताकि वह खुद को उनका बहनोई बता सके। इस तरह जमीन पर कब्जे के लिए यह साजिश रची गई है।

एसओ जवां सुनील कुमार सिंह के अनुसार इस मामले में तथ्यों व जांच के आधार पर गांव रिगसपुरी के साजिशकर्ता अकराम खां के अलावा हाथरस जंक्शन हाथरस के जलालपुर निवासी रहीशपाल व जितेंद्रपाल के खिलाफ फर्जीवाड़े की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।


इस फर्जीवाड़े की वजह से इलाके में सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई है। इसमें आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए अधिकारियों से वार्ता की गई है। अब उनकी गिरफ्तारी के प्रयास पुलिस स्तर से किए जा रहे हैं। इसमें धर्म परिवर्तन कराने पर भी कार्रवाई के लिए कहा गया है।
-गौरव शर्मा, जिला महामंत्री भाजपा
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed