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इंद्रानगर में युवक ने विषाक्त खाकर दी जान
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के देहली गेट के इंद्रानगर इलाके के एक युवक ने शनिवार रात को विषाक्त पदार्थ खाकर मौत को गले लगा लिया। परिजन युवक को मलखान सिंह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार युवक की चार साल से मानसिक हालत ठीक नहीं थी। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
अशोक (40) पुत्र नेत्रपाल निवासी सिंह इंद्रानगर कालोनी, देहली गेट कपड़ों का सिलाई का काम करता था। परिजनों के अनुसार शनिवार रात को काम खत्म करके घर लौटा था। रात को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां डाक्टरों ने विषाक्त पदार्थ खाने से हालत बिगड़ने की बात कही। थोड़ी देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। इधर, सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई सोनवीर के अनुसार भाई की चार साल से दिमागी हालत खराब थी। कई जगह उपचार कराने के बाद भी फायदा नहीं मिल रहा था।
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उनके एक बेटी और दो बेटे हैं। भाई की मौत से भाभी सर्वेश का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, रिश्तेदार मौत के पीछे घरेलू कलह की कहानी बता रहे हैं। थाना देहली गेट इंस्पेक्टर के अनुसार मामले में किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।
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महानगर के देहली गेट के इंद्रानगर इलाके के एक युवक ने शनिवार रात को विषाक्त पदार्थ खाकर मौत को गले लगा लिया। परिजन युवक को मलखान सिंह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार युवक की चार साल से मानसिक हालत ठीक नहीं थी। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
अशोक (40) पुत्र नेत्रपाल निवासी सिंह इंद्रानगर कालोनी, देहली गेट कपड़ों का सिलाई का काम करता था। परिजनों के अनुसार शनिवार रात को काम खत्म करके घर लौटा था। रात को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
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यहां डाक्टरों ने विषाक्त पदार्थ खाने से हालत बिगड़ने की बात कही। थोड़ी देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। इधर, सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई सोनवीर के अनुसार भाई की चार साल से दिमागी हालत खराब थी। कई जगह उपचार कराने के बाद भी फायदा नहीं मिल रहा था।
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उनके एक बेटी और दो बेटे हैं। भाई की मौत से भाभी सर्वेश का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, रिश्तेदार मौत के पीछे घरेलू कलह की कहानी बता रहे हैं। थाना देहली गेट इंस्पेक्टर के अनुसार मामले में किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।