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प्रधान सहित दस ने किया लाखों का फर्जीबाड़ा कर गबन।
Updated Sun, 04 Nov 2018 11:41 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
सिकंदराराऊ। क्षेत्र की रतभानपुर एवं अगसौली ग्राम सभा में चार वर्ष में मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत मिले धन का ग्राम प्रधान और सरकारी अधिकारियों ने साठगांठ कर गबन कर लिया। शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान आगरा ने जांच के उपरांत दस लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं विभिन्न धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सर्तकता अधिष्ठान आगरा के इंस्पेक्टर कंचनलाल वर्मा ने धारा 420, 467, 420, 468, 471 और 120 बी, 13,7 के तहत ग्राम रतिभानपुर के तत्कालीन प्रधान कांती देवी पत्नी पत्नी प्रेमपाल, विमलेश कुमारी तत्कालीन प्रधान अगसौली, जगदीश सिंह अहिरवार जिला पंचायतराज अधिकारी, प्रकाशवीर सिंह, सूरजपाल ग्राम विकास अधिकारी, श्यौराज सिंह अवर अभियंता लघु सिंचाई, भगवत सिंह रिटायर्ड सहायक विकास अधिकारी, ईश्वर चंद्र ग्राम पंचायत अगसौली आदि के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 2007 में रतिभानपुर 1.94 लाख रुपया आया था।
प्रधान के साथ अधिकारियों ने साठगांठ कर के फर्जी बिल बाउचर लगाकर धन का झूठा प्रयोग नाली आदि के निर्माण में किया। सत्यापन में कुछ बाउचर फर्जी पाए गए और काफी धनराशि का प्रयोग नकद भुगतान में किया गया, जबकि यह भुगतान चेक से किया जाना था। इसी प्रकार वर्ष 2008-09, 09-10, 10-11 में अगसौली ग्राम सभा में 22 लाख छह हजार 205 रुपया मनरेगा और अन्य योजनाओं की मद में आया।
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इसमें से उन्नीस लाख उन्नीस हजार एक सौ साठ रुपया नामजदों ने आहरित कर लिया। इसके दुरुपयोग गबन की शिकायत शासन से की गई। लगातार चली जांच में पाया गया कि सभी नामजदों ने आपस में मिलकर धन का गबन किया है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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सिकंदराराऊ। क्षेत्र की रतभानपुर एवं अगसौली ग्राम सभा में चार वर्ष में मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत मिले धन का ग्राम प्रधान और सरकारी अधिकारियों ने साठगांठ कर गबन कर लिया। शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान आगरा ने जांच के उपरांत दस लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं विभिन्न धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सर्तकता अधिष्ठान आगरा के इंस्पेक्टर कंचनलाल वर्मा ने धारा 420, 467, 420, 468, 471 और 120 बी, 13,7 के तहत ग्राम रतिभानपुर के तत्कालीन प्रधान कांती देवी पत्नी पत्नी प्रेमपाल, विमलेश कुमारी तत्कालीन प्रधान अगसौली, जगदीश सिंह अहिरवार जिला पंचायतराज अधिकारी, प्रकाशवीर सिंह, सूरजपाल ग्राम विकास अधिकारी, श्यौराज सिंह अवर अभियंता लघु सिंचाई, भगवत सिंह रिटायर्ड सहायक विकास अधिकारी, ईश्वर चंद्र ग्राम पंचायत अगसौली आदि के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 2007 में रतिभानपुर 1.94 लाख रुपया आया था।
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प्रधान के साथ अधिकारियों ने साठगांठ कर के फर्जी बिल बाउचर लगाकर धन का झूठा प्रयोग नाली आदि के निर्माण में किया। सत्यापन में कुछ बाउचर फर्जी पाए गए और काफी धनराशि का प्रयोग नकद भुगतान में किया गया, जबकि यह भुगतान चेक से किया जाना था। इसी प्रकार वर्ष 2008-09, 09-10, 10-11 में अगसौली ग्राम सभा में 22 लाख छह हजार 205 रुपया मनरेगा और अन्य योजनाओं की मद में आया।
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इसमें से उन्नीस लाख उन्नीस हजार एक सौ साठ रुपया नामजदों ने आहरित कर लिया। इसके दुरुपयोग गबन की शिकायत शासन से की गई। लगातार चली जांच में पाया गया कि सभी नामजदों ने आपस में मिलकर धन का गबन किया है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।