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बजट 2022 : विकास को गति देने वाला दूरदर्शी बजट
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डॉक्टर तनु वार्ष्णेय।
- फोटो : CITY OFFICE
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एसवी कॉलेज की अर्थशास्त्री डॉ. तनु वार्ष्णेय का कहना है कि यह चुनावी बजट से हटकर विकास को गति देने वाला दूरदर्शी बजट है। इस बजट में सतत विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए विभिन्न उपाय किए गए हैं। बजट में स्वदेशी सामान व आत्मनिर्भरता पर फोकस किया गया है। आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के अंतर्गत दो हजार किलोमीटर रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने, आगामी तीन वर्षों में 400 वंदे भारत रेल तथा आगामी वर्ष में 25000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। आयात को कम करने के लिए पूंजीगत माल के आयात पर दी गई कर छूट को खत्म किया गया है तथा निर्यातक को बढ़ाने के लिए कच्चे माल पर आयात शुल्क में छूट दी गई है। कच्चे माल के आयात शुल्क में छूट से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। विशेष आर्थिक जोन में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। निगम कर को 18 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। विकास के लिए इस बजट में पेपर लेस इकोनॉमी व ई बिल का प्रावधान किया गया है। केमिकल मुक्त प्राकृतिक खेती पर फोकस किया गया है। इलेक्ट्रिकल वाहन व सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया गया है तथा ग्रीन बॉन्ड्स की बात कही गई है जो इस बात का द्योतक है कि यह बजट पोषणीय विकास को बढ़ावा देने वाला है।
सीए का वर्जन
आम आयकर दाताओं के लिए इस बजट में कुछ भी खास नहीं है, क्योंकि टैक्स कटौती, रिबेट व टैक्स रेट में कुछ भी बदलाव नहीं किया गया है। अगर कुछ नया है तो वह क्रिस्टो करेंसी के लेनदेन पर 30 प्रतिशत टैक्स एवं एक प्रतिशत टीडीएस है। आम जनता को निराशा हाथ लगी है।
- दिवाकर वार्ष्णेय, सीए
बजट में आम लोगों के लिए कोई खास बात नहीं है। आयकर स्लैब में भी करदाताओं को राहत नहीं दी गई। आयकर रिटर्न में गलती होने पर सुधार करने के लिए दो साल का समय बढ़ाया गया है। लेकिन उसमें भी जुर्माना देना होगा। डिजिटल करेंसी से देश की अर्थव्यवस्था को पंख लगने की उम्मीद है।
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- तुषार बंसल, सीए
आयकर एवं जीएसटी की दृष्टि से इस बजट में आम आदमी को किसी तरह की राहत मिलती नहीं दिख रही है। बहुचर्चित क्रिस्टो करेंसी लेनदेन के लिए कई नियम बनाए गए हैं। मुख्य तौर पर अब इन लेन-देन पर 30 प्रतिशत सीधे आयकर लगा करेगा।
- विजय कुमार, सीए
--
देश की वर्तमान आर्थिक दशा के हिसाब से बहुत अच्छा व व्यवहारिक बजट है। इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ पर इस बजट में मुख्य रूप से ध्यान दिया गया है। कुल मिलाकर यह बजट नए डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण एवं भविष्य में पूंजी निवेश में बढ़ोतरी के लिए कारगर साबित होगी।
- सौम्या गुप्ता, सीए
उद्यमी...
बजट से रक्षा क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर होगा। रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत खरीद में 68 प्रतिशत स्वदेशी भागीदारी रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाएगा। इस बार के बजट में रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पर जोर दिया गया है। एमएसएमई को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं।
- नवनीत वार्ष्णेय, उद्योगपति, निवेशक डिफेंस कॉरिडोर
वर्ष 2021-22 के बजट में रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत खरीद के लिए 58 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई थी, जो 2022-23 के बजट में बढ़ाकर 68 प्रतिशत कर दिया गया है। डीआरडीओ को आरएनडी के लिए 25 प्रतिशत अधिक धनराशि दी जाएगी। इससे रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
- मोहित गुप्ता, ग्लोब एक्सपोर्ट
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सीए का वर्जन
आम आयकर दाताओं के लिए इस बजट में कुछ भी खास नहीं है, क्योंकि टैक्स कटौती, रिबेट व टैक्स रेट में कुछ भी बदलाव नहीं किया गया है। अगर कुछ नया है तो वह क्रिस्टो करेंसी के लेनदेन पर 30 प्रतिशत टैक्स एवं एक प्रतिशत टीडीएस है। आम जनता को निराशा हाथ लगी है।
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- दिवाकर वार्ष्णेय, सीए
बजट में आम लोगों के लिए कोई खास बात नहीं है। आयकर स्लैब में भी करदाताओं को राहत नहीं दी गई। आयकर रिटर्न में गलती होने पर सुधार करने के लिए दो साल का समय बढ़ाया गया है। लेकिन उसमें भी जुर्माना देना होगा। डिजिटल करेंसी से देश की अर्थव्यवस्था को पंख लगने की उम्मीद है।
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- तुषार बंसल, सीए
आयकर एवं जीएसटी की दृष्टि से इस बजट में आम आदमी को किसी तरह की राहत मिलती नहीं दिख रही है। बहुचर्चित क्रिस्टो करेंसी लेनदेन के लिए कई नियम बनाए गए हैं। मुख्य तौर पर अब इन लेन-देन पर 30 प्रतिशत सीधे आयकर लगा करेगा।
- विजय कुमार, सीए
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देश की वर्तमान आर्थिक दशा के हिसाब से बहुत अच्छा व व्यवहारिक बजट है। इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ पर इस बजट में मुख्य रूप से ध्यान दिया गया है। कुल मिलाकर यह बजट नए डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण एवं भविष्य में पूंजी निवेश में बढ़ोतरी के लिए कारगर साबित होगी।
- सौम्या गुप्ता, सीए
उद्यमी...
बजट से रक्षा क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर होगा। रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत खरीद में 68 प्रतिशत स्वदेशी भागीदारी रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाएगा। इस बार के बजट में रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पर जोर दिया गया है। एमएसएमई को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं।
- नवनीत वार्ष्णेय, उद्योगपति, निवेशक डिफेंस कॉरिडोर
वर्ष 2021-22 के बजट में रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत खरीद के लिए 58 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई थी, जो 2022-23 के बजट में बढ़ाकर 68 प्रतिशत कर दिया गया है। डीआरडीओ को आरएनडी के लिए 25 प्रतिशत अधिक धनराशि दी जाएगी। इससे रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
- मोहित गुप्ता, ग्लोब एक्सपोर्ट