Aligarh Nagar Nigam: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में घिस रहीं एड़ियां, बहाना बनाकर टरका दिया जाता है
अमर उजाला ने 31 जुलाई को नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया की पड़ताल की। दोपहर करीब दो बजे चार में से तीन काउंटर बंद थे, मगर कुछ बाहरी लोग कक्ष के अंदर जरूर मौजूद थे, जिनका काम हो रहा था।
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अलीगढ़ नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बाबुओं से सांठगांठ होना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं तो पोर्टल ठप होने, नेटवर्क बाधित होने और संबंधित व्यक्ति का पटल पर न होने जैसे कई कारण गिनाकर आवेदक को टरका दिया जाता है और लोगों को महीनों चक्कर कटवाए जाते हैं।
अमर उजाला ने 31 जुलाई को नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया की पड़ताल की। दोपहर करीब दो बजे चार में से तीन काउंटर बंद थे, मगर कुछ बाहरी लोग कक्ष के अंदर जरूर मौजूद थे, जिनका काम हो रहा था, जबकि बाहर कई आवेदक काउंटर खुलने का इंतजार कर रहे थे। इनमें से किसी ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए छह माह पहले तो किसी ने चार महीने पहले आवेदन किया था। मगर उनको कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया जाता है।आवेदकों का कहना था कि उनकी अंदर तक पहुंच नहीं है। इसलिए उनका काम नहीं हो रहा है। इस संबंध में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि पोर्टल में समस्या आ रही है, जो स्थानीय स्तर से नहीं है। उम्मीद है कि चार-पांच दिन में समस्या का समाधान हो जाएगा।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए पिछले छह महीने से नगर निगम का चक्कर काट रहा हूं। -हरीश सोनी, सराय हकीम
एक महीने से जन्म प्रमाण बनवाने के लिए आ रहा हूं, कोई न कोई कारण बताकर टाल देते हैं। - अनिल गुप्ता, मामू भांजा
जन्म प्रमाण पत्र के लिए चार महीने से नगर निगम आ रहा हूं। मुझे सर्वर ठप होना बता दिया जाता है।-डॉ. दुर्गेश शर्मा, आगरा रोड
नगर निगम की व्यवस्था से दुखी हूं। जन्म प्रमाण पत्र के लिए कई दिनों से चक्कर काट रहा हूं।-दीपेश अग्रवाल, रसलगंज