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एएमयू के लंच में बीफ बिरयानी: दो छात्रों और प्रोवोस्ट पर मुकदमा, गरमाई सियासत

Mon, 10 Feb 2025 06:04 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 10 Feb 2025 06:04 PM IST
सार

8 फरवरी को सर सुलेमान हॉल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया गया था। जिसमें 9 फरवरी को लंच में चिकन बिरयानी के बजाय बीफ बिरयानी करने का उल्लेख था। यह नोटिस हॉल के सीनियर डायनिंग छात्र मो. फैयाजुल्लाह व दूसरे सीनियर डायनिंग छात्र मुजस्सिम अहमद भाटी की ओर से चस्पा किया गया था। देर रात यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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Beef Biryani in AMU lunch
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय - फोटो : ANI

विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सर सुलेमान हॉल में लंच में बीफ बिरयानी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुए नोटिस का पुलिस ने संज्ञान लिया है। इस मामले में हॉल के दो छात्रों व प्रोवोस्ट के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया हैं। यह मुकदमा खुद पुलिस की ओर से दर्ज किया गया है। वहीं, एएमयू इंतजामिया ने दोनों छात्रों को नोटिस जारी कर दिए हैं।

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यह नोटिस 8 फरवरी को सर सुलेमान हॉल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया गया था। जिसमें 9 फरवरी को लंच में चिकन बिरयानी के बजाय बीफ बिरयानी करने का उल्लेख था। यह नोटिस हॉल के सीनियर डायनिंग छात्र मो. फैयाजुल्लाह व दूसरे सीनियर डायनिंग छात्र मुजस्सिम अहमद भाटी की ओर से चस्पा किया गया था। देर रात यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद इसका विरोध शुरू हुआ। साथ में एएमयू परिसर में भी कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया। कार्रवाई की आवाज उठी।
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इसी का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों के निर्देश पर सिविल लाइंस के भमौला चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार धामा ने मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें दोनों सीनियर छात्रों के साथ-साथ हॉल के प्रोवोस्ट प्रो. फासिह राघिव गौहर को आरोपी बनाया गया है। मुकदमे में उल्लेख है कि इसका निमंत्रण पत्र इनके द्वारा जारी किया गया है। जिसमें उल्लेखित उत्पाद आम जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। जिससे कानून व्यवस्था खराब होने की पूरी संभावना है। इसी आधार पर बीएनएस की धाराओं में तीनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं एएमयू के प्राक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने बताया कि मामले में दोनों छात्रों को नोटिस जारी किए गए हैं।

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एएमयू में लंच में बीफ बिरयानी को लेकर जो सूचना वायरल हुई उसे लेकर विरोध हुआ व सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया आई। इसका संज्ञान लेकर सिविल लाइंस में नोटिस पर उल्लेखित दो छात्रों व प्रोवोस्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच व निगरानी रखी जा रही है। - मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
एएमयू के सुलेमान हॉल में बीफ परोसे जाने संबंधी सूचना वायरल होने के प्रकरण पर नजर रखी जा रही है। जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनके जल्द बयान दर्ज कराए जाएंगे। - अभय पांडेय सीओ प्रथम
मामले पर नजर रखी जा रही है। दोनों छात्रों को नोटिस जारी करने के साथ जांच नियत की गई है। हालांकि, रविवार को सामान्य दिनों की तरह भोजन परोसा गया। मेन्यू में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया। - प्रो.विभा शर्मा, पीआरओ इंचार्ज एएमयू
यूनिवर्सिटी के हॉलों में भैंसों के गोश्त से बिरयानी बनने की परंपरा है। यह कोई नई परंपरा नहीं है। सूचना पत्र में बफैलो की जगह बीफ टाइप हो गया। हालांकि, फौरन उसे वापस ले लिया गया। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं थी। सूचना पत्र को अलग रूप से लिया जा रहा है।- इंजमाम उल हक, छात्रनेता, एएमयू
यूनिवर्सिटी में भैंस या पड्डे की बिरयानी हमेशा बनी है। रविवार को लंच में चिकन बिरयानी के बजाय भैंसे की बिरयानी का नोटिस डाइनिंग सीनियर फूड ने निकाला था। गलती से बफैलो की जगह बीफ प्रिंट हो गया। इससे बिलावजह मुद्दा बनाया जा रहा है। मुस्लिम छात्रों के लिए भैसें की बिरयानी और हिंदू छात्रों के लिए विशेष पकवान की व्यवस्था की जाती है।-मोहम्मद सलमान गौरी, छात्र नेता, एएमयू


मुकदमे में ये धाराएं
बीएनएस की धारा 302, 270 व 353 में क्रमश: किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जान बूझकर बोला जाना, सार्वजनिक उपद्रव से जुड़े अपराधों को परिभाषित करना व सार्वजनिक शरारत के लिए प्रेरित करने वाला बयान परिभाषित है।

लंच में बीफ का लुत्फ लेना चाहते थे एएमयू के छात्र, सियासत गरमाई

एएमयू के सर सुलेमान हॉल में 9 फरवरी को लंच में बीफ बिरयानी परोसे जाने के मुद्दे पर अलीगढ़ की सियासत गरमा गई है। हालांकि, विरोध और भाजपा व हिंदू संगठनों के एतराज पर रविवार को भोजन में बीफ नहीं परोसा जा सका। इधर, चौतरफा विरोध व दबाव के चलते एएमयू ने मामले में जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। मुकदमा दर्ज करने के साथ पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। एक दो दिन में आरोपियों को भी बयान दर्ज करने के लिए बुलाने की प्रक्रिया होगी।

8 फरवरी को सर सुलेमान हॉल के नोटिस बोर्ड पर एक सूचना चस्पा की गई थी। जिसमें 9 फरवरी के लंच में हॉल के रहने वाले छात्रों की मांग पर चिकन बिरयानी के बजाय बीफ बिरयानी परोसने की बात लिखी गई थी। यह सूचना हॉल के सीनियर डायनिंग छात्र मो. फैयाजुल्लाह व दूसरे सीनियर डायनिंग छात्र मुजस्सिम अहमद भाटी की ओर से चस्पा की गई थी। जिसमें आखिर में उल्लेख था कि सभी इसका लुत्फ उठाएं।

देर रात सूचना का यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद विरोध व कार्रवाई की आवाज उठी। इसके बाद एएमयू इंतजामिया हरकत में आ गई। सवाल खड़े हुए कि आखिर ये बदलाव किसकी अनुमति से तय किया गया। साथ में नोटिस किसकी अनुमति से जारी कर नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया गया। इसे लेकर दोनों छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा गया है। वहीं, तीन वार्डन डॉ. जुबेर, डॉ. मंसूर व डॉ. तौफीक की एक जांच समिति बनाई है। जिससे दो दिन में रिपोर्ट तलब की है।

खुफिया तंत्र सक्रिय, बढ़ाई निगरानी

इस घटनाक्रम के बाद जिला पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। एएमयू में निगरानी बढ़ाने के साथ साथ खुफिया तंत्र भी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के लोगों पर नजर रखी जा रही है। ताकि कहीं कोई विवादित तथ्य सामने न आ जाए। जो किसी बड़े विवाद का कारण बन जाए।

तो एएमयू में सब कुछ ठीक नहीं
एएमयू में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा। हाल ही में एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी का मामला सुर्खियों में रहा। जिसमें आज तक पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। उससे पहले छात्रों द्वारा छात्रसंघ चुनाव को लेकर आंदोलन किया गया। तब भी कानून व्यवस्था की स्थिति बनी। इधर, अब बीफ परोसे जाने का मुद्दा गरमा रहा है।

एएमयू में बीफ बिरयानी पर हिंदू संगठनों में उबाल

एएमयू के लंच में बीफ बिरयानी को लेकर हिंदू संगठनों में उबाल है। भाजपा और हिंदू नेताओं ने बीफ परोसे जाने की सूचना देने वाले शिक्षक और छात्रों को निलंबित करने की मांग की है।

सांसद सतीश गौतम ने कहा कि एएमयू में हिंदू छात्रों को अपमानित करने के लिए इस तरह के कार्य किए जाते रहे हैं। समय-समय पर इनका विरोध भी हुआ है, लेकिन कुछ लोग मनमानी पर उतरे हुए हैं। ऐसे लोगों को एएमयू से बाहर किया जाना चाहिए। भाजपा के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला ने कहा है कि एएमयू केंद्र सरकार के धन से संचालित किया जाता है, इसलिए सभी समाजों के छात्रों की भावनाओं का यहां सम्मान किया जाना चाहिए। इस तरह की हरकतें नफरत को बढ़ावा देती हैं इसलिए एएमयू प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

भाजपा के महानगर अध्यक्ष ईं. राजीव शर्मा ने बताया कि एएमयू में कुछ लोग नफरत की मानसिकता से कार्य करते हैं, ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व महापौर शकुंतला भारती ने बताया कि एएमयू में लंबे समय से कुछ लोग नफरत फैलाने का कार्य कर रहे हैं। इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक से की गई है, लेकिन ऐसे लोग अपनी मानसिकता नहीं बदल रहे। इसका विरोध किया जाएगा।
 

भाजपा विधि प्रकोष्ठ के संयोजक संजय शर्मा का कहना है कि एएमयू में बीफ परोसे जाने के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी, जिससे आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रमणि कौशिक ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा एएमयू का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष यश गोयल ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

गलती को बनाया जा रहा मुद्दा, ये पुरानी परंपरा
एएमयू में बीफ परोसे जाने के मुद्दे पर एएमयू छात्रों की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। छात्र नेताओं की ओर से कहा गया है कि ये कोई नई परंपरा नहीं, बल्कि रविवार को अवकाश के दिनों में अमूमन भोजन मेन्यू में बदलाव होता है। जिसमें गलती से बफैलो को बीफ टाइप होने को मुद्दा बनाया जा रहा है।

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