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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बाबरी को लेकर लगे विवादित पोस्टर, प्रशासन में हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Thu, 06 Dec 2018 03:10 PM IST
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एएमयू में लगे विवादित पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 'अन्याय के खिलाफ खड़े होने और बाबरी मस्जिद का जल्द पुनर्निर्माण होगा इंशाल्लाह' लिखित पोस्टर लगने के बाद खलबली मच गई है। सूचना के बाद प्रोक्टोरियल टीम द्वारा कैंपस में लगाए गए पोस्टर हटवाए जा रहे हैं। 6 दिसंबर को एक समुदाय द्वारा काला दिवस के रूप में मनाया जाता है।
बृहस्पतिवार को एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी परिसर एवं आर्ट्स फैकल्टी सहित कई स्थानों पर अन्याय के खिलाफ खड़े होने और बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण से संबंधित पोस्टर लगाए गए थे। यह पोस्टर स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आईडियोलॉजी, एएमयू यूनिट द्वारा लगाए गए हैं। हालांकि एसोसिएशन द्वारा पोस्टर लगाने की अनुमति प्रॉक्टर से नहीं ली गई है।
सूचना मिलने के बाद एएमयू में खलबली मच गई है। प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य पोस्टर हटवा रहे हैं। इस संबंध में एएमयू के पीआरओ ऑफिस के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि पोस्टर लगाने के लिए अनुमति नहीं ली गई है। पोस्टर लगवाने में छात्र शामिल है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आईडियोलॉजी का नाम भी कभी नहीं सुना है। प्रोक्टोरियल टीम द्वारा पोस्टर हटवाए जा रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी परिसर एवं आर्ट्स फैकल्टी सहित कई स्थानों पर अन्याय के खिलाफ खड़े होने और बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण से संबंधित पोस्टर लगाए गए थे। यह पोस्टर स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आईडियोलॉजी, एएमयू यूनिट द्वारा लगाए गए हैं। हालांकि एसोसिएशन द्वारा पोस्टर लगाने की अनुमति प्रॉक्टर से नहीं ली गई है।
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सूचना मिलने के बाद एएमयू में खलबली मच गई है। प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य पोस्टर हटवा रहे हैं। इस संबंध में एएमयू के पीआरओ ऑफिस के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि पोस्टर लगाने के लिए अनुमति नहीं ली गई है। पोस्टर लगवाने में छात्र शामिल है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आईडियोलॉजी का नाम भी कभी नहीं सुना है। प्रोक्टोरियल टीम द्वारा पोस्टर हटवाए जा रहे हैं।
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