{"_id":"59137e174f1c1b2d3f851332","slug":"babita-s-funeral-lover-reaching-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"बबिता का हुआ अंतिम संस्कार, प्रेमी पहुंचा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बबिता का हुआ अंतिम संस्कार, प्रेमी पहुंचा जेल
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 11 May 2017 02:29 AM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
- फोटो : Internet
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रेमी अरुण की गोली से मारी गई प्रेमिका बबिता का बुधवार को अंतिम संस्कार अंबेडकर नगर कालोनी के पास श्मशान घाट में पुलिस की मौजूदगी में हुआ। इधर, अरुण की डॉक्टरी जांच के बाद अदालत में पेशी हुई और वहां से उसे जेल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम जांच में डाक्टरों ने बताया है कि बबिता के दिल में गोली लगने से उसकी मौत हुई।
फोरेंसिक टीम के सदस्यों ने अरुण की मोबाइल शॉप की तलाशी लेकर वहां से साक्ष्य जुटाए। फर्श पर खून के दाग मिटाए तो गए, लेकिन कई निशान रह गए थे। इनके फोटो खींचे गए और वीडियाग्राफी कराई। दुकान के काउंटर और दूसरे सामान भी टीम ने खंगाले। टीम दोपहर में यहां पहुंची थी।
जिसके बाद आसपास के दुकानदार भी टेंशन में आ गए। पुलिस ने कुछ दुकानदारों से पूछताछ भी की है। अरुण और बबिता के फोन नंबरों की कॉल डिटेल और पैसों के लेनदेन पर भी पुलिस की जांच जारी है। सर्विलांस से फोन डिटेल ली जा रही है। अरुण के पास अवैध पिस्टल कहां से आई। उसने किससे यह पिस्टल खरीदी थी? कितने दिनों से वह पिस्टल रख रहा था? इसकी भी जांच हो रही है।
विज्ञापन
ये था प्रकरण
गांधीपार्क स्थित अंबेडकर नगर कॉलोनी निवासी बबिता (25) पुत्री राधाचरन आगरा रोड के ज्ञान महाविद्यालय में एमएससी केमिस्ट्री की अंतिम वर्ष की छात्रा थी। उसके पिता आरपीएफ में दादरी रेलवे स्टेशन पर तैनात हैं। घर में मां के अलावा तीन भाई व एक छोटी बहन है। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे वह अपने प्रेमी अरुण पुत्र देवकीनंदन वार्ष्णेय निवासी साकेत विहार सुरेंद्र नगर साईं मंदिर से मिलने गई थी। उसकी दुकान एसएमबी इंटर कॉलेज के मार्केट की पहली मंजिल पर है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मुंगेर मेड .32 बोर की पिस्टल से चली गोली बबिता के दिल में धंस गई। अस्पताल में बबिता को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
विज्ञापन
फोरेंसिक टीम के सदस्यों ने अरुण की मोबाइल शॉप की तलाशी लेकर वहां से साक्ष्य जुटाए। फर्श पर खून के दाग मिटाए तो गए, लेकिन कई निशान रह गए थे। इनके फोटो खींचे गए और वीडियाग्राफी कराई। दुकान के काउंटर और दूसरे सामान भी टीम ने खंगाले। टीम दोपहर में यहां पहुंची थी।
विज्ञापन
जिसके बाद आसपास के दुकानदार भी टेंशन में आ गए। पुलिस ने कुछ दुकानदारों से पूछताछ भी की है। अरुण और बबिता के फोन नंबरों की कॉल डिटेल और पैसों के लेनदेन पर भी पुलिस की जांच जारी है। सर्विलांस से फोन डिटेल ली जा रही है। अरुण के पास अवैध पिस्टल कहां से आई। उसने किससे यह पिस्टल खरीदी थी? कितने दिनों से वह पिस्टल रख रहा था? इसकी भी जांच हो रही है।
विज्ञापन
ये था प्रकरण
गांधीपार्क स्थित अंबेडकर नगर कॉलोनी निवासी बबिता (25) पुत्री राधाचरन आगरा रोड के ज्ञान महाविद्यालय में एमएससी केमिस्ट्री की अंतिम वर्ष की छात्रा थी। उसके पिता आरपीएफ में दादरी रेलवे स्टेशन पर तैनात हैं। घर में मां के अलावा तीन भाई व एक छोटी बहन है। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे वह अपने प्रेमी अरुण पुत्र देवकीनंदन वार्ष्णेय निवासी साकेत विहार सुरेंद्र नगर साईं मंदिर से मिलने गई थी। उसकी दुकान एसएमबी इंटर कॉलेज के मार्केट की पहली मंजिल पर है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मुंगेर मेड .32 बोर की पिस्टल से चली गोली बबिता के दिल में धंस गई। अस्पताल में बबिता को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।