बकरीद: तीन जोन व 18 सेक्टर में बंटा शहर, ईदगाह-मस्जिद के बाहर नमाज और खुले में नहीं होगी कुर्बानी
17 जून को ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी जाएगी। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने सख्त लहजे में कहा कि ईदगाह और मस्जिद के बाहर नमाज कोई भी न पढ़े। इसलिए ईदगाह में दो बार नमाज पढ़ी जाएगी। खुले स्थानों पर जानवरों की कुर्बानी न दें और उसके अवशेष को कपड़े में लपेटकर नगर निगम के टेंपों में रख दें।
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बकरीद को लेकर अलीगढ़ शहर को सुरक्षा की दृष्टि से तीन जोन व 18 सेक्टरों में बांटा गया है। जहां डीएम स्तर से संबंधित मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने बताया कि बकरीद को लेकर कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए महानगर को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि तीन जोन में से पहले में सिटी मजिस्ट्रेट रमाशंकर, द्वितीय में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम एवं तृतीय में अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय को तैनात किया गया है।
जामा मस्जिद, बू अली शाह मस्जिद, शीशे वाली मस्जिद, बाबरी मंडी, सब्जी वाली मंडी, ईदगाह, शाहजमाल, अंसारी मस्जिद, अकबरी मस्जिद, थाना सासनीगेट, रोरावर, बन्नादेवी, अचलताल, गांधीपार्क, जमालपुर मस्जिद, एएमयू सर्किल, थाना सिविल लाइंस, थाना क्वार्सी, थाना महुआखेड़ा को सेक्टर बनाया गया है। जिसमें मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
ईदगाह और मस्जिद के बाहर कोई शख्स न बिछाए जानमाज : शहर मुफ्ती
ईदगाह और मस्जिद के बाहर कोई भी शख्स ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ने के लिए जानमाज न बिछाए। 17 जून को ईदुल अजहा की नमाज पढ़ी जाएगी। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने सख्त लहजे में कहा कि ईदगाह और मस्जिद के बाहर नमाज कोई भी न पढ़े। इसलिए ईदगाह में दो बार नमाज पढ़ी जाएगी। ईद-उल- फितर पर शाहजमाल स्थित नई ईदगाह और पुरानी ईदगाह में नमाज पढ़ी गई थी। इस बार ईदुल अजहा की नमाज नई ईदगाह में दो बार पढ़ी जाएगी। शहर मुफ्ती ने कहा कि खुले स्थानों पर जानवरों की कुर्बानी न दें और उसके अवशेष को कपड़े में लपेटकर नगर निगम के टेंपों में रख दें। एएमयू की जामा मस्जिद में ईदुल अजहा की नमाज होगी। पहली नमाज अहले सुन्नत की सुबह 7 बजे और दूसरी नमाज अहले तशी की नमाज सुबह 8:15 बजे होगी।
ये है नमाज का वक्त
- जामा मस्जिद ऊपरकोट 6 बजे सुबह
- नई ईदगाह पहली जमात 6:15 बजे सुबह
- नई ईदगाए दूसरी जमात 7 बजे सुबह
- मस्जिद बू-अली शाह 6:30 बजे सुबह
खुले में न दिखें कुर्बानी के अवशेष, एक हजार कर्मियों की ड्यूटी लगाई
बकरीद की तैयारियों में नगर निगम जुट गया है। खुले में कुर्बानी के अवशेष न दिखें इसके लिए पूरे शहर में एक हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर आयुक्त अमित आसेरी ने बताया कि बकरीद की नमाज और तीन दिन तक चलने वाली कुर्बानी को देखते हुए शहर में पांच सेक्टर बनाए गए हैं।
इनमें सेक्टर-1 शाहजमाल ईदगाह क्षेत्र, सेक्टर-2 ऊपरकोट जामा मस्जिद क्षेत्र, सेक्टर-3 जमालपुर ईदगाह क्षेत्र, सेक्टर-4 जीवनगढ़ ईदगाह क्षेत्र सेक्टर-5 हाथीपुल व देहलीगेट क्षेत्र शामिल हैं। हर सेक्टर में पर्याप्त पानी की आपूर्ति, सफाई और पथ प्रकाश की निगरानी के लिए 32 अधिकारी, 1000 सफाई कर्मियों की 80 टीमें मुस्तैद रहेंगी। 17, 18 और 19 जून को पशुओं का घूमना प्रतिबंधित रहेगा। नगर आयुक्त अमित आसेरी ने शुक्रवार को मुस्लिम धर्मगुरुओं और संभ्रांत लोगों से नगर निगम से मिलने वाली व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की। शिविर कार्यालय में आयोजित बैठक में नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम का प्रयास रहेगा कि रविवार तक शाहजमाल ईदगाह, जमालपुर ईदगाह, जीवनगढ़ ईदगाह, ऊपरकोट जामा मस्जिद सहित महानगर के सभी धार्मिक स्थलों और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में व्यवस्थाएं पूर्ण हो जाएं।
नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव को बकरीद पर नगर निगम संबंधी समस्त व्यवस्थाओं को पूर्ण कराने के लिए वरिष्ठ नोडल अधिकारी बनाया है। नगर आयुक्त से मुफ्ती प्रो. जाहिद खान, गुलजार अहमद, गुलाम रसूल, काजी अयाज आदि ने अतिरिक्त पेयजलापूर्ति व अपशिष्ट को डालने के लिए पर्याप्त वाहन व ट्रैक्टर ट्रॉली को लगाने का अनुरोध किया। महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा और शासन की निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार नगरीय क्षेत्र में बकरीद पर निगम द्वारा परंपरागत व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मस्जिदों व तीनों ईदगाह पर होगी चाक चौबंद व्यवस्था
नगर आयुक्त व महापौर ने कहा कि बकरीद पर छोटी बड़ी मस्जिदों और तीनों ईदगाह पर चाक चौबंद व्यवस्था होगी। बकरीद पर अतिरिक्त पानी की आपूर्ति होगी। दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक पेयजलापूर्ति रहेगी। नगर निगम कंट्रोल रूम 7500441344, 05712750250 व 1533 पर संपर्क किया जा सकता है। अपशिष्ट को खुले में फेंकने पर प्रतिबंध रहेगा।
एएमयू कुलपति ने दी ईद-उल-अजहा की बधाई
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर संपूर्ण एएमयू बिरादरी और देश के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। प्रो. खातून ने कहा कि यह त्योहार त्याग, भक्ति और एकता के गुणों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमारे लिए करुणा, उदारता और सच्चाई में अटूट विश्वास रखना सिखाता है।