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अलीगढ़: महामारी में खूब कारगर साबित हो रही मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन ओपीडी सेवा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
महामारी के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन के माध्यम से चलाई जा रही ओपीडी सेवा बेहद कारगर साबित हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद सिद्दीकी कहते हैं कि प्रतिदिन टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से संचालित हो रही इस ओपीडी में 150 से लेकर 200 मरीज तक देखे जा रहे हैं। यह सेवा मेडिकल कॉलेज के 14 विभागों में संचालित हो रही है। इस दौरान अगर किसी मरीज को अस्पताल में बुलाने की आवश्यकता अनुभव होती है तो उसको बुलाया भी जाता है। जिन विभागों में टेलीमेडिसिन सेवा उपलब्ध है उनमें ऑर्थोपेडिक, गाइनेकोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ईएनटी, डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन, टीवी एंड रेस्पिरेट्री डिसीसिस, रेडियोडायग्नोसिस, फिजियोलॉजी, पेडियाट्रिक्स आदि डिपार्टमेंट शामिल हैं।
प्रिंसिपल प्रोफेसर सिद्दीकी कहते हैं कि अभी टेलीमेडिसिन सेवा के संबंध में लोगों की जागरूकता थोड़ी कम है। लोग अगर इस सेवा का भरपूर उपयोग करें तो और भी अधिक लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन में मरीज की डायग्नोसिस रिपोर्ट को ऑनलाइन मंगवा लिया जाता है और उसके अनुसार उपचार निर्धारित कर दिया जाता है। इस दौरान मरीज का चिकित्सक से ऑनलाइन संपर्क बना रहता है। इस तरह पूरी प्रक्रिया में मरीज और चिकित्सक दोनों ही डिस्टेंसिंग के साथ सुरक्षित रहते हैं।
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महामारी के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन के माध्यम से चलाई जा रही ओपीडी सेवा बेहद कारगर साबित हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद सिद्दीकी कहते हैं कि प्रतिदिन टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से संचालित हो रही इस ओपीडी में 150 से लेकर 200 मरीज तक देखे जा रहे हैं। यह सेवा मेडिकल कॉलेज के 14 विभागों में संचालित हो रही है। इस दौरान अगर किसी मरीज को अस्पताल में बुलाने की आवश्यकता अनुभव होती है तो उसको बुलाया भी जाता है। जिन विभागों में टेलीमेडिसिन सेवा उपलब्ध है उनमें ऑर्थोपेडिक, गाइनेकोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ईएनटी, डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन, टीवी एंड रेस्पिरेट्री डिसीसिस, रेडियोडायग्नोसिस, फिजियोलॉजी, पेडियाट्रिक्स आदि डिपार्टमेंट शामिल हैं।
प्रिंसिपल प्रोफेसर सिद्दीकी कहते हैं कि अभी टेलीमेडिसिन सेवा के संबंध में लोगों की जागरूकता थोड़ी कम है। लोग अगर इस सेवा का भरपूर उपयोग करें तो और भी अधिक लाभ उठा सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन में मरीज की डायग्नोसिस रिपोर्ट को ऑनलाइन मंगवा लिया जाता है और उसके अनुसार उपचार निर्धारित कर दिया जाता है। इस दौरान मरीज का चिकित्सक से ऑनलाइन संपर्क बना रहता है। इस तरह पूरी प्रक्रिया में मरीज और चिकित्सक दोनों ही डिस्टेंसिंग के साथ सुरक्षित रहते हैं।
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