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15 अगस्त से पहले ‘तिरंगा’ भर रहा महिलाओं की झोली
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तिरंगा बनाने में जुटीं टप्पल ब्लॉक की स्वयं सहायता समूह की महिला
- फोटो : HAZIYAPUR
केशव मालान
15 अगस्त से पहले ‘तिरंगा’ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए आमदनी का जरिया बनकर आया है। सरकारी महकमे से ही टप्पल ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों को 15 हजार छोेटे-बड़े तिरंगे झंडे बनाने का लक्ष्य मिला है। इनमें से 10 हजार झंडे टप्पल ब्लॉक कार्यालय ने ही खरीदे हैं। यह झंडे ब्लॉक क्षेत्र के गांव-गांव नि:शुल्क पहुंचाए जाएंगे जिन्हें 15 अगस्त को घर-घर फहराया जाएगा।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त से 15 अगस्त तक सोशल मीडिया प्रोफाइल पर तिरंगा लगाने की अपील की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से जिले भर के गांवों, सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों आदि जगहों तक तिरंगा पहुंचाने की मुहिम शुरू की। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अलीगढ़ शहर के धनीपुर में तिरंगा बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
टप्पल ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों को 15 हजार छोटे व बड़े साइज का झंडा तैयार करने का लक्ष्य मिला। सबसे अधिक झंडे हजियापुर से गायत्री ग्राम संगठन, गढ़ी सूरजमल से जय हनुमान ग्राम संगठन, इतवारपुर से गनेशजी ग्राम संगठन व खेड़िया खुर्द से बालाजी ग्राम संगठन की महिलाओं ने तैयार किए। टप्पल ब्लॉक से प्रशासन ने तैयार सभी 15 हजार झंडे खरीद लिए हैं।
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बड़े झंडे में 51, छोटे के लिए मिले 21 रुपये
टप्पल ब्लॉक के मिशन मैनेजर अब्दुल वाहिद ने बताया कि बड़े झंडे का साइज 36 गुणा 24 इंच और छोटे झंडे का साइज 22.5 गुणा 15 इंच है। प्रत्येक बड़े झंडे के लिए 51 रुपये और छोटे झंडे के लिए 21 रुपये के हिसाब से भुगतान किया गया है। झंडे के लिए स्वयं सहायता समूहों ने तीनों रंग के कपड़े स्वयं खरीदे हैं। नियम के अनुसार झंडे पर नीले रंग से तीलियां बनाने के बाद उसे सम्मान के साथ घर पर रखना है। समूह की महिलाओं से तिरंगा बनवाने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के साथ महिलाओं को रोजगार मुहैया कराना है। अधिक झंडे बनाने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
टप्पल में 1240 समूह
ब्लॉक के मिशन मैनेजर अब्दुल वाहिद ने बताया कि टप्पल ब्लॉक की 67 ग्राम पंचायतों में 1240 स्वयं सहायता समूह हैं। प्रत्येक समूह में 11 से 12 महिलाएं जुड़ी हैं। इनको 95 समूह सखी सुचारू रूप से संचालित कर रही हैं।
- हर घर तिंरगा अभियान को सफल बनाने के लिए सभी ग्राम प्रधानों और विभागीय कर्मियों को जिम्मेदारी के साथ निर्देश दिए गए हैं। हमने टप्पल ब्लॉक की 67 ग्राम पंचायतों में करीब 10 हजार घरों तक नि:शुल्क तिरंगा झंडा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। दीपक कुमार, बीडीओ, टप्पल
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15 अगस्त से पहले ‘तिरंगा’ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए आमदनी का जरिया बनकर आया है। सरकारी महकमे से ही टप्पल ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों को 15 हजार छोेटे-बड़े तिरंगे झंडे बनाने का लक्ष्य मिला है। इनमें से 10 हजार झंडे टप्पल ब्लॉक कार्यालय ने ही खरीदे हैं। यह झंडे ब्लॉक क्षेत्र के गांव-गांव नि:शुल्क पहुंचाए जाएंगे जिन्हें 15 अगस्त को घर-घर फहराया जाएगा।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त से 15 अगस्त तक सोशल मीडिया प्रोफाइल पर तिरंगा लगाने की अपील की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से जिले भर के गांवों, सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों आदि जगहों तक तिरंगा पहुंचाने की मुहिम शुरू की। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अलीगढ़ शहर के धनीपुर में तिरंगा बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
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टप्पल ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों को 15 हजार छोटे व बड़े साइज का झंडा तैयार करने का लक्ष्य मिला। सबसे अधिक झंडे हजियापुर से गायत्री ग्राम संगठन, गढ़ी सूरजमल से जय हनुमान ग्राम संगठन, इतवारपुर से गनेशजी ग्राम संगठन व खेड़िया खुर्द से बालाजी ग्राम संगठन की महिलाओं ने तैयार किए। टप्पल ब्लॉक से प्रशासन ने तैयार सभी 15 हजार झंडे खरीद लिए हैं।
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बड़े झंडे में 51, छोटे के लिए मिले 21 रुपये
टप्पल ब्लॉक के मिशन मैनेजर अब्दुल वाहिद ने बताया कि बड़े झंडे का साइज 36 गुणा 24 इंच और छोटे झंडे का साइज 22.5 गुणा 15 इंच है। प्रत्येक बड़े झंडे के लिए 51 रुपये और छोटे झंडे के लिए 21 रुपये के हिसाब से भुगतान किया गया है। झंडे के लिए स्वयं सहायता समूहों ने तीनों रंग के कपड़े स्वयं खरीदे हैं। नियम के अनुसार झंडे पर नीले रंग से तीलियां बनाने के बाद उसे सम्मान के साथ घर पर रखना है। समूह की महिलाओं से तिरंगा बनवाने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के साथ महिलाओं को रोजगार मुहैया कराना है। अधिक झंडे बनाने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
टप्पल में 1240 समूह
ब्लॉक के मिशन मैनेजर अब्दुल वाहिद ने बताया कि टप्पल ब्लॉक की 67 ग्राम पंचायतों में 1240 स्वयं सहायता समूह हैं। प्रत्येक समूह में 11 से 12 महिलाएं जुड़ी हैं। इनको 95 समूह सखी सुचारू रूप से संचालित कर रही हैं।
- हर घर तिंरगा अभियान को सफल बनाने के लिए सभी ग्राम प्रधानों और विभागीय कर्मियों को जिम्मेदारी के साथ निर्देश दिए गए हैं। हमने टप्पल ब्लॉक की 67 ग्राम पंचायतों में करीब 10 हजार घरों तक नि:शुल्क तिरंगा झंडा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। दीपक कुमार, बीडीओ, टप्पल