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सोमवार से शुरू होगा पितृ पक्ष
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सोमवार से पितृपक्ष शुरू हो रहे हैं, जो छह अक्तूबर चलेंगे। परिजन अपने पितरों को याद कर श्राद्ध व तर्पण का करेंगे। अलग-अलग पितरों की मृत्यु तिथि के हिसाब से ब्राह्मणों को भोजन कराकर श्रद्धालु सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लेंगे।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि श्राद्ध पक्ष/पितृ पक्ष वास्तव में पितरों को याद कर उनके प्रति श्रद्धा का भाव प्रदर्शित करने का पर्व है। श्राद्ध से जन्म कुंडली में व्याप्त पितृदोष से छुटकारा मिलता है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता की मृत्यु तिथि नहीं जानते हैं। वह अमावस्या के दिन श्राद्ध कर सकते हैं। इससे पितृ तृप्त और संतुष्ट होते हैं। पापों की मुक्ति के लिए भी श्राद्ध कर्म श्रेष्ठ माना गया है। कहा जाता है कि जो अपने पूर्वजों का श्राद्ध श्रद्धापूर्वक नहीं करता है। उसकी पूजा को भगवान भी स्वीकार नहीं करते हैं। दोपहर में ही श्राद्ध करना चाहिए।
ये हैं श्राद्ध की तिथियां
20 सितंबर-पूर्णिमा श्राद्ध
21 सितंबर-प्रतिपदा श्राद्ध
22-23 सितंबर- द्वितीया श्राद्ध
24 सितंबर-तृतीया श्राद्ध
25 सितंबर-चतुर्थी श्राद्ध
26 सितंबर-पंचमी श्राद्ध
27 सितंबर-षष्ठी श्राद्ध
28 सितंबर-सप्तमी श्राद्ध
29 सितंबर-अष्टमी श्राद्ध
30 सितंबर-नवमी श्राद्ध
एक अक्तूबर-दशमी श्राद्ध
दो अक्तूबर-एकादशी श्राद्ध
तीन अक्तूबर-द्वादशी श्राद्ध
चार अक्तूबर-त्रयोदशी श्राद्ध
पांच अक्तूबर-चतुर्दशी श्राद्ध (शस्त्र आदि से मृत हुए व्यक्तियों का श्राद्ध)
- छह अक्तूबर-पितृ विसर्जन (अज्ञात तिथि वालों का श्राद्ध)
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श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि श्राद्ध पक्ष/पितृ पक्ष वास्तव में पितरों को याद कर उनके प्रति श्रद्धा का भाव प्रदर्शित करने का पर्व है। श्राद्ध से जन्म कुंडली में व्याप्त पितृदोष से छुटकारा मिलता है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता की मृत्यु तिथि नहीं जानते हैं। वह अमावस्या के दिन श्राद्ध कर सकते हैं। इससे पितृ तृप्त और संतुष्ट होते हैं। पापों की मुक्ति के लिए भी श्राद्ध कर्म श्रेष्ठ माना गया है। कहा जाता है कि जो अपने पूर्वजों का श्राद्ध श्रद्धापूर्वक नहीं करता है। उसकी पूजा को भगवान भी स्वीकार नहीं करते हैं। दोपहर में ही श्राद्ध करना चाहिए।
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ये हैं श्राद्ध की तिथियां
20 सितंबर-पूर्णिमा श्राद्ध
21 सितंबर-प्रतिपदा श्राद्ध
22-23 सितंबर- द्वितीया श्राद्ध
24 सितंबर-तृतीया श्राद्ध
25 सितंबर-चतुर्थी श्राद्ध
26 सितंबर-पंचमी श्राद्ध
27 सितंबर-षष्ठी श्राद्ध
28 सितंबर-सप्तमी श्राद्ध
29 सितंबर-अष्टमी श्राद्ध
30 सितंबर-नवमी श्राद्ध
एक अक्तूबर-दशमी श्राद्ध
दो अक्तूबर-एकादशी श्राद्ध
तीन अक्तूबर-द्वादशी श्राद्ध
चार अक्तूबर-त्रयोदशी श्राद्ध
पांच अक्तूबर-चतुर्दशी श्राद्ध (शस्त्र आदि से मृत हुए व्यक्तियों का श्राद्ध)
- छह अक्तूबर-पितृ विसर्जन (अज्ञात तिथि वालों का श्राद्ध)