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कोरोना से कार्मिक की मृत्यु होने पर मिलेंगे 30 लाख
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शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2021 में ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों की कोविड महामारी से मृत्यु होने की दशा में अनुग्रह राशि 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख कर दी है। प्रशासन को मृतक कर्मचारी के परिजनों को 30 दिन के अंदर अनुग्रह राशि देने के आदेश दिए हैं। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी तुहीना राय को जिले का नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि ड्यूटी अवधि में निर्वाचन कार्य यथा प्रशिक्षण, निर्वाचन, मतगणना व अन्य कार्य तथा इस कार्य पर घर से जाने व लौटने में लगने वाला समय ही रखा गया है। कोविड एवं नॉन कोविड मृत्यु के प्रकरणों के परीक्षण से स्पष्ट है कि ऐसे कर्मी जो एआरओ एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में ड्यूटी पर लगाए गए थे, उनकी कार्य अवधि चूंकि एक माह की थी, वही पात्र पाए गए। कोविड 19 ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित हुए लोग, जिनकी कालांतर में मृत्यु हो गई, उनके परिवार को समुचित मदद देने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग व विशेषज्ञों से चर्चा कर उचित कदम पंचायती राज विभाग द्वारा उठाया जाएगा।
देना होगा कोरोना संक्रमण का प्रमाण
डीएम ने बताया कि शासन द्वारा निर्वाचन ड्यूटी की तिथि से 30 दिन के अंदर कोविड से मृत्यु की दशा में अनुग्रह धनराशि का भुगतान किया जाएगा। इससे सभी प्रभावित परिवारों को लाभ मिल सकेगा। कोविड से मृत्यु के साक्ष्य के लिए एंटीजन, आरटीपीसीआर की पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट, ब्लड रिपोर्ट व सीटी स्कैन में कोविड संक्रमण पाया जाना आवश्यक है। कोविड मरीज के कतिपय परिस्थितियों में टेस्ट निगेटिव आने के बाद भी पोस्ट कोविड कांप्लिकेशन से उसकी मृत्यु हो सकती है तो यह मृत्यु भी कोविड की वजह से ही मानी जाएगी। इस श्रेणी के प्रकरण को 30 दिन के अंदर मृत्यु की दशा में कवर किया जाएगा। आवेदक द्वारा निर्वाचन ड्यूटी आर्डर की प्रति, कोविड 19 संक्रमण प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र व मृतक का एक फोटोग्राफ आवेदन के साथ 15 जून सायं छह बजे तक अपलोड किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आवेदकों की किसी भी समस्या के निराकरण व सुनवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारी तुहीना राय (मोबाइल-8456028305) को नामित किया गया है।
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डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि ड्यूटी अवधि में निर्वाचन कार्य यथा प्रशिक्षण, निर्वाचन, मतगणना व अन्य कार्य तथा इस कार्य पर घर से जाने व लौटने में लगने वाला समय ही रखा गया है। कोविड एवं नॉन कोविड मृत्यु के प्रकरणों के परीक्षण से स्पष्ट है कि ऐसे कर्मी जो एआरओ एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में ड्यूटी पर लगाए गए थे, उनकी कार्य अवधि चूंकि एक माह की थी, वही पात्र पाए गए। कोविड 19 ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित हुए लोग, जिनकी कालांतर में मृत्यु हो गई, उनके परिवार को समुचित मदद देने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग व विशेषज्ञों से चर्चा कर उचित कदम पंचायती राज विभाग द्वारा उठाया जाएगा।
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देना होगा कोरोना संक्रमण का प्रमाण
डीएम ने बताया कि शासन द्वारा निर्वाचन ड्यूटी की तिथि से 30 दिन के अंदर कोविड से मृत्यु की दशा में अनुग्रह धनराशि का भुगतान किया जाएगा। इससे सभी प्रभावित परिवारों को लाभ मिल सकेगा। कोविड से मृत्यु के साक्ष्य के लिए एंटीजन, आरटीपीसीआर की पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट, ब्लड रिपोर्ट व सीटी स्कैन में कोविड संक्रमण पाया जाना आवश्यक है। कोविड मरीज के कतिपय परिस्थितियों में टेस्ट निगेटिव आने के बाद भी पोस्ट कोविड कांप्लिकेशन से उसकी मृत्यु हो सकती है तो यह मृत्यु भी कोविड की वजह से ही मानी जाएगी। इस श्रेणी के प्रकरण को 30 दिन के अंदर मृत्यु की दशा में कवर किया जाएगा। आवेदक द्वारा निर्वाचन ड्यूटी आर्डर की प्रति, कोविड 19 संक्रमण प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र व मृतक का एक फोटोग्राफ आवेदन के साथ 15 जून सायं छह बजे तक अपलोड किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आवेदकों की किसी भी समस्या के निराकरण व सुनवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारी तुहीना राय (मोबाइल-8456028305) को नामित किया गया है।
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