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सीजनल अमीनों की नियुक्ति में अनियमितताएं, 14 बाबू फंसे
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राजस्व संग्रह के लिए 2011-12 से 2019-20 तक तहसीलों में रखे गए सीजनल अमीनों की नियुक्ति में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नियमों की अनदेखी कर इन अमीनों की नियुक्ति की गई। वहीं, लक्ष्य के सापेक्ष वसूली न होने के बाद भी उन्हें रखा गया। मंडलायुक्त से हुई शिकायत के बाद डीएम द्वारा एसीएम प्रथम अंजुम बी की ओर से की गई जांच में यह सच्चाई सामने आई है। उनकी जांच के आधार पर 14 बाबुओं को दोषी पाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन बाबूओं में से 3 तो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, 11 विभिन्न तहसीलों में कार्यरत हैं।
जिला प्रशासन द्वारा राजस्व संग्रह के लिए तहसीलों में 10वीं पास युवाओं को हर साल सीजनल अमीन के तौर पर 89 दिनों के लिए रखा जाता है। इन पर वसूली का 10 प्रतिशत व्यय किया जाता है। अगर, लक्ष्य के सापेक्ष वसूली नहीं होती तो इनको हटाने का भी प्रावधान है। बीते दिनों मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी से एक शिकायत हुई, जिसमें आरोप थे कि जिले में नियमों की अनदेखी करते हुए 2011-12 से 2019-20 के बीच सीजनल अमीनों की नियुक्ति की गई है।
मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने एसीएम प्रथम अंजुम बी को मामले की जांच सौंपी। जांच में सामने आया कि सीजनल अमीनों ने नियमानुसार ज्यादा व्यय किया। इसके बावजूद उनको नियुक्ति दी जाती रही। इसमें कलक्ट्रेट के 14 बाबुओं की भूमिका संदिग्ध मिली है। डीएम चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक सभी बाबुओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके जवाब आने का इंतजार है। जवाब संतोषजनक न आने पर आगे की कार्रवाई होगी।
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जिला प्रशासन द्वारा राजस्व संग्रह के लिए तहसीलों में 10वीं पास युवाओं को हर साल सीजनल अमीन के तौर पर 89 दिनों के लिए रखा जाता है। इन पर वसूली का 10 प्रतिशत व्यय किया जाता है। अगर, लक्ष्य के सापेक्ष वसूली नहीं होती तो इनको हटाने का भी प्रावधान है। बीते दिनों मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी से एक शिकायत हुई, जिसमें आरोप थे कि जिले में नियमों की अनदेखी करते हुए 2011-12 से 2019-20 के बीच सीजनल अमीनों की नियुक्ति की गई है।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने एसीएम प्रथम अंजुम बी को मामले की जांच सौंपी। जांच में सामने आया कि सीजनल अमीनों ने नियमानुसार ज्यादा व्यय किया। इसके बावजूद उनको नियुक्ति दी जाती रही। इसमें कलक्ट्रेट के 14 बाबुओं की भूमिका संदिग्ध मिली है। डीएम चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक सभी बाबुओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके जवाब आने का इंतजार है। जवाब संतोषजनक न आने पर आगे की कार्रवाई होगी।
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