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अलीगढ़ : श्रमजीवी एक्सप्रेस में कन्नौज के युवक की मौत
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वैष्णो देवी के दर्शन कर श्रमजीवी एक्सप्रेस से परिवार समेत लौट रहे कन्नौज निवासी युवक की गाजियाबाद स्टेशन के पास तबीयत बिगड़ गई। उसे अलीगढ़ स्टेशन पर उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, यहां उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने स्टेशन प्रशासन पर बदइंतजामी का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा किया।
कोतवाली नगर कन्नौज के मोहल्ला ठकुरान निवासी 32 वर्षीय विकास मिश्रा पुत्र प्रमोद मिश्रा, अपने भाई आकाश, पत्नी व अन्य परिजनों के साथ ट्रेन से माता वैष्णो देवी के दर्शन करने गए थे। श्रमजीवी एक्सप्रेस से लौटते समय गाजियाबाद स्टेशन के पास विकास की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने रेलवे स्टाफ को सूचना देकर ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रुकवाया।
उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में आक्रोश फैल गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने आए पुलिसकर्मियों से उनकी जमकर नोकझोेंक भी हुई। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को साथ ले जाने की जिद पर अड़े थे।
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विकास के भाई आकाश का आरोप है कि प्लेटफार्म पर करीब एक घंटे तक न तो स्ट्रेचर व व्हील चेयर मिली और न ही एंबुलेंस व प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था हो सकी। मजबूरी में दो कुलियों की मदद से बीमार भाई को जिला अस्पताल ले गए। यहां कुछ ही देर बाद विकास ने दम तोड़ दिया।
आरोप था कि यदि स्टेशन से भाई को समय से उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। बन्नादेवी इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
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कोतवाली नगर कन्नौज के मोहल्ला ठकुरान निवासी 32 वर्षीय विकास मिश्रा पुत्र प्रमोद मिश्रा, अपने भाई आकाश, पत्नी व अन्य परिजनों के साथ ट्रेन से माता वैष्णो देवी के दर्शन करने गए थे। श्रमजीवी एक्सप्रेस से लौटते समय गाजियाबाद स्टेशन के पास विकास की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने रेलवे स्टाफ को सूचना देकर ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रुकवाया।
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उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में आक्रोश फैल गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने आए पुलिसकर्मियों से उनकी जमकर नोकझोेंक भी हुई। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को साथ ले जाने की जिद पर अड़े थे।
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विकास के भाई आकाश का आरोप है कि प्लेटफार्म पर करीब एक घंटे तक न तो स्ट्रेचर व व्हील चेयर मिली और न ही एंबुलेंस व प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था हो सकी। मजबूरी में दो कुलियों की मदद से बीमार भाई को जिला अस्पताल ले गए। यहां कुछ ही देर बाद विकास ने दम तोड़ दिया।
आरोप था कि यदि स्टेशन से भाई को समय से उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। बन्नादेवी इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।