नुमाइश के कोहिनूर मंच पर मंगलवार को सूफी नाइट ने माहौल को गजलों से सराबोर कर दिया। निजामी बंधु जफर हयात निजामी और अजहर हयात निजामी ने एक के बाद एक नगमे पेश किए, जिन पर लोग झूमते रह गए। दर्शकों की भारी भीड़ से खुश निजामी बंधु ने बीच-बीच में शेरो-शायरी कर मौजूदा हालात पर इंसानियत से भरे संदेश दिए, जिन पर लोगों ने तालियां बजाकर उनका भरपूर समर्थन किया। उन्होंने यहां भर दो झोली मेरी या मौहम्मद, लौटकर मैं जाऊंगा न खाली गाकर माहौल को खुशनुमा कर दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ अनुनय झा, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह, नुमाइश बाबू पीयूष साराभाई ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद निजामी बंधु ने कव्वाली की शुरुआत शेर से की। उन्होंने कहा कि ह से हिंदू बन गए और म से मुस्लिम बन गए, लेकिन जब दोनों मिले तो हम बन गए। इसके बाद भर दो झोली मेरी या मोहम्मद, लौटकर मैं न जाऊंगा खाली..., झाप तिलक सब भूली तौसे नैना मिलाइके..., मेरे रसके कमर..., बोल गफारा..., जैसे नगमे पेश किए। उनके साथ ढोलक और तबला बजाने वालों ने भी खूब समा बांधा। उनकी तबला-ढोलक बजाने की खास शैली और मधुर धुनों पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। देर रात तक चले इस कार्यक्रम का दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया। तालियों की आवाज पांडाल में गूंजती रही।