फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh Dm occupying the seat, pulling a coat of the City Magistrate

अलीगढ़ डीएम की कुर्सी कब्जाई, सिटी मजिस्ट्रेट का कोट खींचा

Tue, 16 Jan 2018 02:14 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Tue, 16 Jan 2018 02:14 AM IST
विज्ञापन
Aligarh Dm occupying the seat, pulling a coat of the City Magistrate
डीएम की कुर्सी पर बैठी नितिन की मां को रोकती महिला पुलिस कर्मी। - फोटो : Amar Ujala
नितिन माहौर हत्याकांड मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रही महिलाओं के तेवर सोमवार को अचानक उग्र हो गए। बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में तख्ती लेकर नारेबाजी करती हुई सीधे डीएम कार्यालय में घुस गईं और वहां जमकर हंगामा किया। कार्यालय में डीएम के न मिलने पर मृतक नितिन की मां शांतिदेवी ने उनकी कुर्सी ही कब्जा ली। 
विज्ञापन

समझाने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट का एक महिला ने कोट खींच डाला। इससे हड़कंप मच गया।

एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सीओ समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंच गए। मामले में प्रशासन की ओर से पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, शांति देवी समेत 500 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष 15 नवंबर को निकाय चुनाव के दौरान सिपाही की सरकारी कार्बाइन से चली गोली से एक किशोर नितिन जख्मी हो गया था। चार पांच दिन बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन


इस मामले में सिपाही मनीष समेत दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सिपाही को तो जेल भेज दिया गया, लेकिन अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को अड़ीं महिलाएं एक पखवाड़े से कलेक्ट्रेट गेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। सोमवार को लगभग डेढ़ बजे सर्व दलीय कोरी समाज संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की तो महिला पुलिस ने किसी तरह बाहर निकाला। उन्होंने दोबारा गेट संख्या दो से कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की तो महिला पुलिस के साथ अन्य पुलिसकर्मियों ने उनका रास्ता रोक लिया। इस दौरान गुस्साई महिलाओं ने महिला पुलिस से जमकर धक्का मुक्की और हाथापाई की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं के आगे असहाय नजर आया प्रशासन कुछ महिलाओं ने जूते-चप्पल भी लहराए। इस दौरान कुछ महिलाएं जिलाधिकारी के दफ्तर में घुसने में कामयाब हो गईं और मृतक नितिन की मां शांति देवी डीएम की कुर्सी पर बैठ गईं। सीओ तृतीय संजीव दीक्षित से भी अभद्रता की। कलेक्ट्रेट गेट पर चल रही सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति की भूख हड़ताल में शामिल पुरुष भी आ गए। इससे उपद्रव की स्थिति बन गई। कुछ ही देर में पुलिस की दंगा नियंत्रण इकाई भी मौके पर पहुंच गई।

आंदोलनकारियों को काबू में करने की कोशिश में बल प्रयोग की नौबत आ गई। स्थिति को भांप कर समिति के अध्यक्ष जगदीश माहौर, प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम कोरी एवं अन्य नेता पहुंच गए और उग्र लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद आंदोलनकारी धरनास्थल पर सड़क पर ही बैठ गए। इससे अनूपशहर रोड जाम हो गई। करीब तीन घंटे तक यही स्थिति बनी रही। सायं पांच बजे के करीब मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपने के बाद आंदोलनकारी सड़क से हटे।



प्रदर्शनकारी बिना जांच कुछ लोगों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे, जो कि कानूनन संभव नहीं है। यदि उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर संदेह है तो हम किसी अन्य जनपद अथवा एजेंसी से जांच कराने के लिए तैयार हैं। जिलाधिकारी की कुर्सी कब्जाने एवं उनके कार्यालय में जबरन घुसकर हंगामा करना कानून का उल्लंघन है। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -एसबी सिंह, एडीएम सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed