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Aligarh News: झोलाछाप के गलत उपचार से युवक की तत्काल मौत
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कस्बा राजमऊ में युवक की मौत पर मौजूद भीड़ पुलिस। संवाद
- फोटो : samvad
कस्बा राजमऊ में शुक्रवार को एक क्लीनिक पर उपचार के दौरान गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने पर युवक की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। मौका पाकर झोलाछाप अपनी क्लीनिक बंद कर भाग गया। हंगामे की खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के भतीजे अजीत कुमार ने बताया कि चाचा वीरपाल (41) पुत्र गुलफान सिंह निवासी नगला ढक दोपहर करीब एक बजे अपनी पत्नी सुमन देवी को सामान्य बीमारी के चलते दवा दिलाने के लिए क्लीनिक पर गए थे। पत्नी को दवा दिलाते वक्त वीरपाल ने खुद को भी सर्दी-जुकाम होना बताया। आरोप है कि झोलाछाप ने बिना जांच किए इंजेक्शन लगा दिया। आरोप यह भी है कि दंपती के मना करने पर इंजेक्शन लगाया गया। कुछ मिनट बाद ही वीरपाल की हालत बिगड़ने लगी, घबराहट होने के साथ ही मुंह से झाग निकलने लगे।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि हालत गंभीर होने पर झोलाछाप ने उन्हें क्लीनिक से बाहर निकाल दिया और शटर बंद कर मौके से भाग गया। जानकारी होने पर परिवार के सदस्यों के पहुंचने से पहले ही वीरपाल की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन तभी मृतक के ससुराल पक्ष के लोग भी आ गए और शव को उठने से रोक दिया। वह झोलाछाप की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। आश्वासन के बाद ससुरालीजन मान गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक ने अपने पीछे पत्नी सहित पांच बेटियां और एक बेटे को रोते बिलखते छोड़ा है। थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने और तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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कस्बे में झोलाछापों के हैं कई क्लीनिक
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में कई झोलाछाप क्लीनिक खोलकर बैठे हैं। यह मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. कुशलपाल ने बताया कि क्षेत्र में अभियान चलाकर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मृतक के भतीजे अजीत कुमार ने बताया कि चाचा वीरपाल (41) पुत्र गुलफान सिंह निवासी नगला ढक दोपहर करीब एक बजे अपनी पत्नी सुमन देवी को सामान्य बीमारी के चलते दवा दिलाने के लिए क्लीनिक पर गए थे। पत्नी को दवा दिलाते वक्त वीरपाल ने खुद को भी सर्दी-जुकाम होना बताया। आरोप है कि झोलाछाप ने बिना जांच किए इंजेक्शन लगा दिया। आरोप यह भी है कि दंपती के मना करने पर इंजेक्शन लगाया गया। कुछ मिनट बाद ही वीरपाल की हालत बिगड़ने लगी, घबराहट होने के साथ ही मुंह से झाग निकलने लगे।
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परिजनों ने आरोप लगाया है कि हालत गंभीर होने पर झोलाछाप ने उन्हें क्लीनिक से बाहर निकाल दिया और शटर बंद कर मौके से भाग गया। जानकारी होने पर परिवार के सदस्यों के पहुंचने से पहले ही वीरपाल की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन तभी मृतक के ससुराल पक्ष के लोग भी आ गए और शव को उठने से रोक दिया। वह झोलाछाप की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। आश्वासन के बाद ससुरालीजन मान गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक ने अपने पीछे पत्नी सहित पांच बेटियां और एक बेटे को रोते बिलखते छोड़ा है। थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने और तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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कस्बे में झोलाछापों के हैं कई क्लीनिक
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में कई झोलाछाप क्लीनिक खोलकर बैठे हैं। यह मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. कुशलपाल ने बताया कि क्षेत्र में अभियान चलाकर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।