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सोने चांदी की राखी आधुनिक मशीनों से चेक कर लें
Updated Thu, 23 Aug 2018 01:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रक्षाबंधन के बाजार में हर जगह 100 से 400 रुपये में चांदी की राखियां धड़ल्ले से बिक रही हैं। अधिकांश बड़े स्टालों पर ये आसानी से उपलब्ध है। सराफा की दुकानों पर भी इनकी बहुतायत है।
लेकिन कुछ विश्वसनीय प्रतिष्ठित सराफा की दुकानों को छोड़ दें तो अधिकांश जगहों पर दिल्ली और आगरा से आई राखियां बिक रही हैं जो चांदी की न होकर गिलट या अन्य धातुओं की हैं। जिसमें चांदी की हल्की फुल्की पॉलिश की जाती है। ग्राहकों को चांदी के नाम पर इनको थमा दिया जाता है लेकिन ये चांदी की नहीं है।
ऐसे में बहनों की दुविधा को अब दूर कर दिया गया है। शहर में कुछ सराफा प्रतिष्ठानों पर आधुनिक कम्प्यूटराइज्ड मशीनें आ गई है। जो कुछ ही सेकेंड में सोने, चांदी और प्लेटिनम यानी हीरे तक की शुद्धता को बता देती हैं। इन मशीनों की रिपोर्ट 99.5 फीसदी तक बिल्कुल सही होती है। प्रतिष्ठित ज्वैलरी ब्रांड के शो रूम में इसका इस्तेमाल होने लगा है।
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हमने समद रोड पर चांदी, सोना और प्लेटनम की शुद्धता जांचने की आधुनिक मशीन लगाई है। मशीन बुधवार को चालू हुई है। इसमें तीनों ही चीजों से बने गहनों की शुद्धता जांची जा सकती है। जो पूरी तरह से विश्वसनीय है। बहनों के लिए रक्षाबंधन में सोने चांदी की राखियां जांचने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
-मनित अग्रवाल, सोनी ज्वैलर्स।
हमारे यहां सोने की शुद्धता मापने की आधुनिक कम्प्यूटराइज्ड मशीन है। जिसमें एक्स रे मशीन की तर्ज पर निकलने वाली रेज 30 सेकेंड में सोने के किसी भी गहने की शुद्धता बता देती हैं। ये रिपोर्ट 99.5 फीसदी तक सही होती है। जिसमें किसी तरह का कोई शक नहीं है।
-शिवा आरोड़ा, तनिष्क शोरूम।
ग्राहक अब हुत हद तक जागरूक हो गए हैं। वो हर खरीद की पूरी जांच पड़ताल करते हैं। हमने ग्राहकों की इस जरूरत को आधुनिक मशीनों के साथ पूरा किया है। चांदी की राखियों को खरीदने से पहले पूरी जानकारी करें।
-विजय अग्रवाल, अध्यक्ष सराफा कमेटी।
बाजार में आमतौर पर चांदी की राखी 100 से 400 रुपये तक उपलब्ध हैं। ये आगरा, दिल्ली और मथुरा से भी आ रही हैं। इनकी शुद्धता दुकानदार की खुद की विश्वसनीयता पर निर्भर है। इनकी वापसी का कोई पैमाना नहीं है। कुछ लोग वापस लेते हैं कुछ नहीं लेते हैं।
-अतुल वार्ष्णेय। सेंटर प्वाइंट।
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रक्षाबंधन के बाजार में हर जगह 100 से 400 रुपये में चांदी की राखियां धड़ल्ले से बिक रही हैं। अधिकांश बड़े स्टालों पर ये आसानी से उपलब्ध है। सराफा की दुकानों पर भी इनकी बहुतायत है।
लेकिन कुछ विश्वसनीय प्रतिष्ठित सराफा की दुकानों को छोड़ दें तो अधिकांश जगहों पर दिल्ली और आगरा से आई राखियां बिक रही हैं जो चांदी की न होकर गिलट या अन्य धातुओं की हैं। जिसमें चांदी की हल्की फुल्की पॉलिश की जाती है। ग्राहकों को चांदी के नाम पर इनको थमा दिया जाता है लेकिन ये चांदी की नहीं है।
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ऐसे में बहनों की दुविधा को अब दूर कर दिया गया है। शहर में कुछ सराफा प्रतिष्ठानों पर आधुनिक कम्प्यूटराइज्ड मशीनें आ गई है। जो कुछ ही सेकेंड में सोने, चांदी और प्लेटिनम यानी हीरे तक की शुद्धता को बता देती हैं। इन मशीनों की रिपोर्ट 99.5 फीसदी तक बिल्कुल सही होती है। प्रतिष्ठित ज्वैलरी ब्रांड के शो रूम में इसका इस्तेमाल होने लगा है।
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हमने समद रोड पर चांदी, सोना और प्लेटनम की शुद्धता जांचने की आधुनिक मशीन लगाई है। मशीन बुधवार को चालू हुई है। इसमें तीनों ही चीजों से बने गहनों की शुद्धता जांची जा सकती है। जो पूरी तरह से विश्वसनीय है। बहनों के लिए रक्षाबंधन में सोने चांदी की राखियां जांचने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
-मनित अग्रवाल, सोनी ज्वैलर्स।
हमारे यहां सोने की शुद्धता मापने की आधुनिक कम्प्यूटराइज्ड मशीन है। जिसमें एक्स रे मशीन की तर्ज पर निकलने वाली रेज 30 सेकेंड में सोने के किसी भी गहने की शुद्धता बता देती हैं। ये रिपोर्ट 99.5 फीसदी तक सही होती है। जिसमें किसी तरह का कोई शक नहीं है।
-शिवा आरोड़ा, तनिष्क शोरूम।
ग्राहक अब हुत हद तक जागरूक हो गए हैं। वो हर खरीद की पूरी जांच पड़ताल करते हैं। हमने ग्राहकों की इस जरूरत को आधुनिक मशीनों के साथ पूरा किया है। चांदी की राखियों को खरीदने से पहले पूरी जानकारी करें।
-विजय अग्रवाल, अध्यक्ष सराफा कमेटी।
बाजार में आमतौर पर चांदी की राखी 100 से 400 रुपये तक उपलब्ध हैं। ये आगरा, दिल्ली और मथुरा से भी आ रही हैं। इनकी शुद्धता दुकानदार की खुद की विश्वसनीयता पर निर्भर है। इनकी वापसी का कोई पैमाना नहीं है। कुछ लोग वापस लेते हैं कुछ नहीं लेते हैं।
-अतुल वार्ष्णेय। सेंटर प्वाइंट।