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उपलों की होली को जलाएं, साथ ही पानी को भी बचाएं
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पर्यावरण सुरक्षा समिति हरितिमा ने मंगलवार को दीवानी कचहरी के पास स्थित भूदेव नर्सरी पर पर्यावरण की सुरक्षा के संबंध में एक बैठक आयोजित की।
यहां पर्यावरण विद् सुबोधनंदन शर्मा ने कहा कि पर्यावरण को बचाना है तो होलिका दहन के लिए पेड़ काटकर लकड़ी का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उपलों की होली जलाई जानी चाहिए।
उपलों की होली जलाएं, लकड़ी काटकर न जलाएं। इसी के साथ पानी का व्यर्थ उपयोग भी नहीं करना चाहिए। इस मौके पर एएमयू भूगर्भ विभाग के पूर्व चेयरमैन लियाकत अली राव, अशोक शर्मा जेल रोड, भीकम सिंह, हरिबाबू बघेल आदि मौजूद रहे। वहीं एएमयू के डिपार्टमेंट ऑफ रिमोट सेंसिंग के डॉ. शादाब खुर्शीद ने भी लोगों से अपील की है कि पानी का प्रयोग कम करें।
क्योंकि पानी 200 फीट पर मिल रहा है। हम दूसरे एक्यूफर पर निर्भर हैं। यही हालात रहे तो पानी का लेबिल खत्म हो जाएगा। इसी के साथ इन्होंने केमिकल वाले रंगों से बचने की सलाह दी है। संस्कार भारती के जिला संयोजक भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने भी प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की अपील की है। उन्होंने बताया कि हमारी दस टीमें इस संबंध में लोगों को जागरूक करेंगी।
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पर्यावरण सुरक्षा समिति हरितिमा ने मंगलवार को दीवानी कचहरी के पास स्थित भूदेव नर्सरी पर पर्यावरण की सुरक्षा के संबंध में एक बैठक आयोजित की।
यहां पर्यावरण विद् सुबोधनंदन शर्मा ने कहा कि पर्यावरण को बचाना है तो होलिका दहन के लिए पेड़ काटकर लकड़ी का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उपलों की होली जलाई जानी चाहिए।
उपलों की होली जलाएं, लकड़ी काटकर न जलाएं। इसी के साथ पानी का व्यर्थ उपयोग भी नहीं करना चाहिए। इस मौके पर एएमयू भूगर्भ विभाग के पूर्व चेयरमैन लियाकत अली राव, अशोक शर्मा जेल रोड, भीकम सिंह, हरिबाबू बघेल आदि मौजूद रहे। वहीं एएमयू के डिपार्टमेंट ऑफ रिमोट सेंसिंग के डॉ. शादाब खुर्शीद ने भी लोगों से अपील की है कि पानी का प्रयोग कम करें।
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क्योंकि पानी 200 फीट पर मिल रहा है। हम दूसरे एक्यूफर पर निर्भर हैं। यही हालात रहे तो पानी का लेबिल खत्म हो जाएगा। इसी के साथ इन्होंने केमिकल वाले रंगों से बचने की सलाह दी है। संस्कार भारती के जिला संयोजक भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने भी प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की अपील की है। उन्होंने बताया कि हमारी दस टीमें इस संबंध में लोगों को जागरूक करेंगी।
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