{"_id":"57a39daa4f1c1b39302b8967","slug":"420-je-cite-two-bogus-connection","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी कनेक्शन पर दो जेई 420 में तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी कनेक्शन पर दो जेई 420 में तलब
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदुआगंज बिजलीघर में तैनात रहे जेई जेनेंद्र यादव और देव ऋषि कुमार को सीजेएम कोर्ट ने घरेलू कनेक्शन की फर्जी रसीद देने पर धारा 420 के तहत तलब किया है। कोर्ट के निर्देश पर एसडीएम की जांच में भी जेई द्वारा फर्जी रसीद देने की पुष्टि हुई है।
इस मामले में वादी खजान सिंह निवासी एतमपुर ने बताया कि वह वर्ष 2014 में हरदुआगंज स्थित बिजलीघर पर घर के लिए कनेक्शन लेने के संबंध में जेई जेनेंद्र यादव से मिले। उस समय जेई यादव ने उनसे संयोजन से संबंधित फॉर्म और तीन हजार रुपये ले लिए।
इसके बाद वह करीब आठ दिन बाद बिजलीघर पर पहुंचे तो जेई ने उन्हें 2480 रुपये की रसीद थमा दी। पीड़ित का आरोप है कि इसके करीब 10 माह तक जब बिजली का कोई बिल नहीं आया तो वह लाल डिग्गी ऑफिस पहुंचे और रसीद दिखाकर बिल निकालने के लिए कहा। यहां कर्मचारियों ने बताया कि यह संयोजन तो पहले से ही मोरथल निवासी एक महिला के नाम पर है।
विज्ञापन
वहां से वह रसीद निकलवाकर बिजलीघर पहुंचे तो वहां जेई जेनेंद्र यादव और जेई देव ऋषि कुमार भी मौजूद थे। जब पीड़ित ने जेई से इस मामले की शिकायत की वह भड़क गए और अभद्रता कर दी।
इस मामले में पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले की जांच एसडीएम कोल से कराई।
एसडीएम ने भी जांच में फर्जी रसीद देने की पुष्टि की। इसके आधार पर सीजेएम कोर्ट ने दोनों अवर अभियंताओं को धारा 420 का दोषी मानते हुए तलब किया है।
विज्ञापन
इस मामले में वादी खजान सिंह निवासी एतमपुर ने बताया कि वह वर्ष 2014 में हरदुआगंज स्थित बिजलीघर पर घर के लिए कनेक्शन लेने के संबंध में जेई जेनेंद्र यादव से मिले। उस समय जेई यादव ने उनसे संयोजन से संबंधित फॉर्म और तीन हजार रुपये ले लिए।
विज्ञापन
इसके बाद वह करीब आठ दिन बाद बिजलीघर पर पहुंचे तो जेई ने उन्हें 2480 रुपये की रसीद थमा दी। पीड़ित का आरोप है कि इसके करीब 10 माह तक जब बिजली का कोई बिल नहीं आया तो वह लाल डिग्गी ऑफिस पहुंचे और रसीद दिखाकर बिल निकालने के लिए कहा। यहां कर्मचारियों ने बताया कि यह संयोजन तो पहले से ही मोरथल निवासी एक महिला के नाम पर है।
विज्ञापन
वहां से वह रसीद निकलवाकर बिजलीघर पहुंचे तो वहां जेई जेनेंद्र यादव और जेई देव ऋषि कुमार भी मौजूद थे। जब पीड़ित ने जेई से इस मामले की शिकायत की वह भड़क गए और अभद्रता कर दी।
इस मामले में पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले की जांच एसडीएम कोल से कराई।
एसडीएम ने भी जांच में फर्जी रसीद देने की पुष्टि की। इसके आधार पर सीजेएम कोर्ट ने दोनों अवर अभियंताओं को धारा 420 का दोषी मानते हुए तलब किया है।