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बाल संरक्षण आयोग के सदस्य को प्रा थमिक विद्यालय की बाउंड्री टूटी मिली
Updated Fri, 05 Oct 2018 02:04 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश में बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर तीन मंडलों में बतौर प्रभारी तैनात उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य डा.साक्षी बैजल उस समय हैरान रह गए जब उन्हें प्राथमिक विद्यालय सुखरावली में बच्चे जर्जर बिल्डिंग में पढ़ते नजर आए। इसका लैंटर गिरासू था। मिड डे मील की जांच में बच्चों को परोसी जा रही दाल इस कदर पतली थी कि दाल के बजाय पानी ही पानी नजर आ रहा था। यही नहीं कई बच्चों के पास स्कूल बैग तक नहीं थे।
प्रेस से रूबरू होते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने पीएसी के पास बालक पाठशाला 63 नंबर, प्राथमिक पाठशाला सुखरावली, आंगनबाड़ी केंद्र सुखरावली तथा नवजीवन बाल भवन तालानगरी का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम पायी गई। इस दौरान उन्होंने बच्चों से पहाड़े, गिनती, जोड़-घटाना, कविता सुनी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई की स्थिति संतोषप्रद दिखी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को वह मंडलीय समीक्षा बैठक में मात्र जानकारी लेने आए हैं। अगले माह से जिलेवार बैठकें लेकर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण आदि बिंदुओं पर रिपोर्ट लेंगे। बाल श्रम पर उन्होंने कहा कि बाल श्रम के प्रति सरकार गंभीर है।
यदि कहीं भी बाल श्रमिक मिले तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व उन्होंने कमिश्नरी सभागार में जिला बाल संरक्षण अधिकारी स्मिता सिंह की मौजूदगी में मंडलभर के विभागीय अफसरों को संबोधित कर उन्हें शासन के बाल संरक्षण के मामले में कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस मौके पर डीपीओ श्रेयस कुमार समेत बड़ी संख्या में विभागीय अफसर व कर्मचारी मौजूद थे।
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अलीगढ़। उत्तर प्रदेश में बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर तीन मंडलों में बतौर प्रभारी तैनात उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य डा.साक्षी बैजल उस समय हैरान रह गए जब उन्हें प्राथमिक विद्यालय सुखरावली में बच्चे जर्जर बिल्डिंग में पढ़ते नजर आए। इसका लैंटर गिरासू था। मिड डे मील की जांच में बच्चों को परोसी जा रही दाल इस कदर पतली थी कि दाल के बजाय पानी ही पानी नजर आ रहा था। यही नहीं कई बच्चों के पास स्कूल बैग तक नहीं थे।
प्रेस से रूबरू होते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने पीएसी के पास बालक पाठशाला 63 नंबर, प्राथमिक पाठशाला सुखरावली, आंगनबाड़ी केंद्र सुखरावली तथा नवजीवन बाल भवन तालानगरी का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम पायी गई। इस दौरान उन्होंने बच्चों से पहाड़े, गिनती, जोड़-घटाना, कविता सुनी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई की स्थिति संतोषप्रद दिखी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को वह मंडलीय समीक्षा बैठक में मात्र जानकारी लेने आए हैं। अगले माह से जिलेवार बैठकें लेकर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण आदि बिंदुओं पर रिपोर्ट लेंगे। बाल श्रम पर उन्होंने कहा कि बाल श्रम के प्रति सरकार गंभीर है।
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यदि कहीं भी बाल श्रमिक मिले तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व उन्होंने कमिश्नरी सभागार में जिला बाल संरक्षण अधिकारी स्मिता सिंह की मौजूदगी में मंडलभर के विभागीय अफसरों को संबोधित कर उन्हें शासन के बाल संरक्षण के मामले में कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस मौके पर डीपीओ श्रेयस कुमार समेत बड़ी संख्या में विभागीय अफसर व कर्मचारी मौजूद थे।
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