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अपहरण कर जान लेने की कोशिश करने वालों को 10 साल की कैद
Updated Tue, 21 Aug 2018 01:48 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
बालक का अपहरण कर उसकी हत्या का प्रयास करने के एक मामले में अदालत ने आरोपी महिला सहित दो लोगों को 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
एडीजीसी कृष्ण मुरारी जौहरी, प्रमोद तोमर ने बताया कि 18 अक्तूबर 2011 को अतरौली के मीरगढ़ी निवासी राजवीर का पांच साल का बेटा अमित लापता हो गया था। इसके अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था।
अमित को मीरगढ़ी की ही एक महिला ने रंजिश के चलते बुलंदशहर के अपने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर अपहरण के बाद जान से मारने की कोशिश की और उसे कुुएं में फेंक दिया था।
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इस मामले में तारावती पत्नी जयपाल सिंह निवासी मीरगढ़ी और इसके रिश्तेदार मुरारी गांव मनापुर डिबाई बुलंदशहर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज अच्छेलाल सरोज ने आरोपियों पर दोष सिद्ध होने के बाद दोनों को 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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बालक का अपहरण कर उसकी हत्या का प्रयास करने के एक मामले में अदालत ने आरोपी महिला सहित दो लोगों को 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
एडीजीसी कृष्ण मुरारी जौहरी, प्रमोद तोमर ने बताया कि 18 अक्तूबर 2011 को अतरौली के मीरगढ़ी निवासी राजवीर का पांच साल का बेटा अमित लापता हो गया था। इसके अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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अमित को मीरगढ़ी की ही एक महिला ने रंजिश के चलते बुलंदशहर के अपने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर अपहरण के बाद जान से मारने की कोशिश की और उसे कुुएं में फेंक दिया था।
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इस मामले में तारावती पत्नी जयपाल सिंह निवासी मीरगढ़ी और इसके रिश्तेदार मुरारी गांव मनापुर डिबाई बुलंदशहर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज अच्छेलाल सरोज ने आरोपियों पर दोष सिद्ध होने के बाद दोनों को 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।