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अलीगढ़...टिकट नहीं जनभावनाओं के वास्ते उठाया कदम : सतीश गौतम
Updated Fri, 04 May 2018 03:00 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिख कर एएमयू छात्र संघ के यूनियन हॉल में 1938 से लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग कर अलीगढ़ के भाजपा सांसद सतीश गौतम अचानक देश भर की मीडिया सुर्खियों में छा गए हैं।
सांसद ने ये पत्र बीते सोमवार 30 अप्रैल को लिखा था। इस पत्र के सामने आते ही हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने एएमयू के बाब-ए-सैयद के अंदर घुसने का प्रयास किया। विरोध स्वरूप कुलपति का पुतला जलाया। जवाब में एएमयू छात्र संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। मामला पूरे देश में छा गया। गैरभाजपाई दलों का आरोप है कि सांसद चार साल में ऐसा कुछ नहीं कर पाए कि भाजपा में उनको दोबारा से लोकसभा का टिकट मिल पाता इसलिए उन्होंने सुनियोजित तरीके से एक हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा रचा। सांसद सतीश गौतम से ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब मांगे तो उन्होंने बेबाकी से अपनी बात कही....।
अमर उजाला : कांग्रेस, सपा और बसपा का आरोप है कि अचानक जिन्ना प्रकरण उठा कर आप लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी टिकट पक्की कर रहे हैं। इसके अलावा इसमें आपका कोई उद्देश्य नहीं है..?
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सांसद : कांग्रेस, सपा और बसपा के नेता क्या कह रहे हैं इससे मुझे कोई फर्ख नहीं पड़ता। पूरे हिंदुस्तान में जिन्ना को लेकर आक्रोश रहा है। और हमेशा रहेगा। ऐसे में एएमयू में उनकी तस्वीर लगाने का क्या मतलब है..? ये तस्वीर हटनी चाहिए और हम इसे हटवा कर दम लेंगे। भारतवासी भारत में जिन्ना को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
अमर उजाला : आपको पत्र लिखे हुए सोमवार से गुरुवार हो चुका है। चार दिन बाद भी तस्वीर नहीं हटी। एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने आपके पत्र का जवाब तक नहीं दिया..?
सांसद : कुलपति बाहर गए थे, बुधवार रात को वापस आए हैं। उनके जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
अमर उजाला : बुधवार से एएमयू का पठन पाठन प्रभावित है। वहां होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में आने वाले छात्र और उनके अभिभावक भयभीत हैं..?
सांसद : हंगामा करने वाले, जिन्ना को अपना आदर्श बताने वाले कुछ ही छात्र नेता हैं। बाकी अधिकांश पढ़ने वाले हैं। हमारी अपील है कि पढ़ने वाले पढ़ें। बाकी को राजनीति करने दें। जिसको पप्पू यादव के साथ जाना है जाए। जिसको धर्मेंद्र यादव के साथ जाना है जाए। एएमयू में रह कर राजनीति न करें। चंद छात्र अपने माता पिता के सपनों को खोखली राजनीति में बर्बाद कर रहे हैं। अलग-अलग क्लास और कोर्स की प्रवेश परीक्षा के लिए आने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को स्थानीय प्रशासन पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगा। उनको डरने की जरूरत नहीं है।
अमर उजाला : इस तरह के राजनीतिक हंगामों से एएमयू की छवि खराब होती है। आप खुद एएमयू के कोर्ट मेंबर हैं। आपको अच्छा लगता है..?
सांसद : एएमयू विश्व प्रसिद्ध शिक्षा का मंदिर है। इसने कई नामचीन वैज्ञानिक, गणितज्ञ और शिक्षक, हुनरमंद छात्रों को दुनिया में पहचान दी है। इसलिए एएमयू कोर्ट मेंबर होने के नाते हम नहीं चाहते कि चंद छात्रों की वजह से एएमयू की बदनामी हो। हमारी अपील है कि जो छात्र पढ़ने आए हैं वह पढ़ें और आगे बढ़ कर एएमयू, अलीगढ़ और देश का नाम रोशन करें। राजनीति करने वाले कुछ छात्रों के बहकावे में न आएं।
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एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिख कर एएमयू छात्र संघ के यूनियन हॉल में 1938 से लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग कर अलीगढ़ के भाजपा सांसद सतीश गौतम अचानक देश भर की मीडिया सुर्खियों में छा गए हैं।
सांसद ने ये पत्र बीते सोमवार 30 अप्रैल को लिखा था। इस पत्र के सामने आते ही हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने एएमयू के बाब-ए-सैयद के अंदर घुसने का प्रयास किया। विरोध स्वरूप कुलपति का पुतला जलाया। जवाब में एएमयू छात्र संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। मामला पूरे देश में छा गया। गैरभाजपाई दलों का आरोप है कि सांसद चार साल में ऐसा कुछ नहीं कर पाए कि भाजपा में उनको दोबारा से लोकसभा का टिकट मिल पाता इसलिए उन्होंने सुनियोजित तरीके से एक हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा रचा। सांसद सतीश गौतम से ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब मांगे तो उन्होंने बेबाकी से अपनी बात कही....।
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अमर उजाला : कांग्रेस, सपा और बसपा का आरोप है कि अचानक जिन्ना प्रकरण उठा कर आप लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी टिकट पक्की कर रहे हैं। इसके अलावा इसमें आपका कोई उद्देश्य नहीं है..?
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सांसद : कांग्रेस, सपा और बसपा के नेता क्या कह रहे हैं इससे मुझे कोई फर्ख नहीं पड़ता। पूरे हिंदुस्तान में जिन्ना को लेकर आक्रोश रहा है। और हमेशा रहेगा। ऐसे में एएमयू में उनकी तस्वीर लगाने का क्या मतलब है..? ये तस्वीर हटनी चाहिए और हम इसे हटवा कर दम लेंगे। भारतवासी भारत में जिन्ना को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
अमर उजाला : आपको पत्र लिखे हुए सोमवार से गुरुवार हो चुका है। चार दिन बाद भी तस्वीर नहीं हटी। एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने आपके पत्र का जवाब तक नहीं दिया..?
सांसद : कुलपति बाहर गए थे, बुधवार रात को वापस आए हैं। उनके जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
अमर उजाला : बुधवार से एएमयू का पठन पाठन प्रभावित है। वहां होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में आने वाले छात्र और उनके अभिभावक भयभीत हैं..?
सांसद : हंगामा करने वाले, जिन्ना को अपना आदर्श बताने वाले कुछ ही छात्र नेता हैं। बाकी अधिकांश पढ़ने वाले हैं। हमारी अपील है कि पढ़ने वाले पढ़ें। बाकी को राजनीति करने दें। जिसको पप्पू यादव के साथ जाना है जाए। जिसको धर्मेंद्र यादव के साथ जाना है जाए। एएमयू में रह कर राजनीति न करें। चंद छात्र अपने माता पिता के सपनों को खोखली राजनीति में बर्बाद कर रहे हैं। अलग-अलग क्लास और कोर्स की प्रवेश परीक्षा के लिए आने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को स्थानीय प्रशासन पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगा। उनको डरने की जरूरत नहीं है।
अमर उजाला : इस तरह के राजनीतिक हंगामों से एएमयू की छवि खराब होती है। आप खुद एएमयू के कोर्ट मेंबर हैं। आपको अच्छा लगता है..?
सांसद : एएमयू विश्व प्रसिद्ध शिक्षा का मंदिर है। इसने कई नामचीन वैज्ञानिक, गणितज्ञ और शिक्षक, हुनरमंद छात्रों को दुनिया में पहचान दी है। इसलिए एएमयू कोर्ट मेंबर होने के नाते हम नहीं चाहते कि चंद छात्रों की वजह से एएमयू की बदनामी हो। हमारी अपील है कि जो छात्र पढ़ने आए हैं वह पढ़ें और आगे बढ़ कर एएमयू, अलीगढ़ और देश का नाम रोशन करें। राजनीति करने वाले कुछ छात्रों के बहकावे में न आएं।