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रोडवेज में टिकट माफिया की थी मजबूत पकड़
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज में फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा हुए भले ही आज 20 दिन हो गए हो, लेकिन अभी तक एसटीएफ को गच्चा देकर भागे अशोक चौधरी एवं सुरजीत उर्फ सोनू को इगलास पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। फर्जी टिकट रैकेट से जुड़े आरोपियों की पकड़ पुलिस और परिवहन निगम में कितनी मजबूत है इसका अंजादा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ओर एसटीएफ इगलास में कार्रवाई कर रही थी।
वहां से बचकर आए दोनों आरोपियों ने बुद्ध बिहार डिपो में अपनी रोडवेज बसों को खड़ा किया और केश तथा ईटीएम जमा कर भूमिगत हो गए। यदि परिवहन निगम के कर्मचारी उसी समय पुलिस को सूचना देते तो दोनों को यहीं से गिरफ्तार किया जा सकता था।
परिवहन निगम के सूत्रों का कहना है कि 21 अगस्त की दोपहर तीन बजे चेकिंग स्टाफ ने दोनों की ईटीएम तथा कैश जमा कराया। परिवहन निगम के सूत्रों का कहना है कि 20 अगस्त की रात को साढ़े नौ बजे अशोक चौधरी बस संख्या यूपी 81 एएफ 8380 तथा सुरजीत उर्फ सोनू यूपी 81 एएफ 8736 को लेकर वर्कशॉप आए।
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अशोक चौधरी ने 15601 रुपये तथा सुरजीत ने 17088 रुपये जमा किए। रात को ही उनके नाम पुन: ईटीएम आवंटित कर दी गई और गाड़ी लेकर चले गए। 21 अगस्त को सुरजीत की ड्यूटी यूपी 81 एएफ 8739 तथा अशोक चौधरी की ड्यूटी यूपी 81 एएफ 8380 पर थी।
इगलास में एसटीएफ को गच्चा देकर भागकर वह सीधे बुद्ध विहार डिपो पहुंचे। यहां उन्होंने चेकिंग लिपिकों से सेटिंग की और अपनी ईटीएम तथा कैश जमा करा दिया। दर्ज रिकार्ड के अनुसार 21 अगस्त को सुरजीत के नाम मात्र नौ रुपये जमा कराए गए जबकि अशोक चौधरी के दो हजार आठ रुपये की धनराशि जमा कराई।
इगलास में एसटीएफ की कार्रवाई की जानकारी जब बुद्ध विहार डिपो के अन्य कर्मचारियों को लगी तो उनमें अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बाद में मामले की पड़ताल हुई और सीसीटीवी फुटैज देखे गए तो इसमें आरोपी अशोक चौधरी व सुरजीत उर्फ सोनू कैश जमा करते हुए दिखाई नहीं दिए हैं। इससे उनकी परिवहन निगम में मजबूत पकड़ स्पष्ट उजागर होती है।
जब यह मामला हुआ मैं छुट्टी पर था। मामले की सीसीटीवी फुटेज दिखवाकर कैश किसने और किस टाइम जमा किया यह पता लगाया जाएगा। मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
- योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार
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रोडवेज में फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा हुए भले ही आज 20 दिन हो गए हो, लेकिन अभी तक एसटीएफ को गच्चा देकर भागे अशोक चौधरी एवं सुरजीत उर्फ सोनू को इगलास पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। फर्जी टिकट रैकेट से जुड़े आरोपियों की पकड़ पुलिस और परिवहन निगम में कितनी मजबूत है इसका अंजादा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ओर एसटीएफ इगलास में कार्रवाई कर रही थी।
वहां से बचकर आए दोनों आरोपियों ने बुद्ध बिहार डिपो में अपनी रोडवेज बसों को खड़ा किया और केश तथा ईटीएम जमा कर भूमिगत हो गए। यदि परिवहन निगम के कर्मचारी उसी समय पुलिस को सूचना देते तो दोनों को यहीं से गिरफ्तार किया जा सकता था।
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परिवहन निगम के सूत्रों का कहना है कि 21 अगस्त की दोपहर तीन बजे चेकिंग स्टाफ ने दोनों की ईटीएम तथा कैश जमा कराया। परिवहन निगम के सूत्रों का कहना है कि 20 अगस्त की रात को साढ़े नौ बजे अशोक चौधरी बस संख्या यूपी 81 एएफ 8380 तथा सुरजीत उर्फ सोनू यूपी 81 एएफ 8736 को लेकर वर्कशॉप आए।
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अशोक चौधरी ने 15601 रुपये तथा सुरजीत ने 17088 रुपये जमा किए। रात को ही उनके नाम पुन: ईटीएम आवंटित कर दी गई और गाड़ी लेकर चले गए। 21 अगस्त को सुरजीत की ड्यूटी यूपी 81 एएफ 8739 तथा अशोक चौधरी की ड्यूटी यूपी 81 एएफ 8380 पर थी।
इगलास में एसटीएफ को गच्चा देकर भागकर वह सीधे बुद्ध विहार डिपो पहुंचे। यहां उन्होंने चेकिंग लिपिकों से सेटिंग की और अपनी ईटीएम तथा कैश जमा करा दिया। दर्ज रिकार्ड के अनुसार 21 अगस्त को सुरजीत के नाम मात्र नौ रुपये जमा कराए गए जबकि अशोक चौधरी के दो हजार आठ रुपये की धनराशि जमा कराई।
इगलास में एसटीएफ की कार्रवाई की जानकारी जब बुद्ध विहार डिपो के अन्य कर्मचारियों को लगी तो उनमें अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बाद में मामले की पड़ताल हुई और सीसीटीवी फुटैज देखे गए तो इसमें आरोपी अशोक चौधरी व सुरजीत उर्फ सोनू कैश जमा करते हुए दिखाई नहीं दिए हैं। इससे उनकी परिवहन निगम में मजबूत पकड़ स्पष्ट उजागर होती है।
जब यह मामला हुआ मैं छुट्टी पर था। मामले की सीसीटीवी फुटेज दिखवाकर कैश किसने और किस टाइम जमा किया यह पता लगाया जाएगा। मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
- योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार