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एएमयू से पकड़ा गया संदिग् ध जमानत पर रिहा
Updated Sat, 12 May 2018 02:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू कैंपस में बुधवार की रात गेस्ट हाउस नंबर तीन के पास संदिग्ध रूप से घूम रहे युवक मथुरा निवासी आशीष के परिजन शुक्रवार को अलीगढ़ आए और उसे जमानत पर रिहा होने के बाद उसे मथुरा ले गए। उसे पुलिस ने धारा 107/116,151 सीआरपीसी में जेल भेज दिया था।
आशीष के भाई अनुराग माथुर शुक्रवार को विद्यार्थी परिषद के अचल ताल स्थित कार्यालय पर संगठन के ब्रज प्रांत के उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी से मिले। अनुराग ने बताया बताया कि पिछले 9 साल से उसका उपचार आगरा की मानसिक आरोग्यशाला में चल रहा है।
आशीष शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। जब तक दवा चलती है तब तक वह कुछ सही रहता है, लेकिन जब दवा बंद की जाती है तो उसे मानसिक रूप से समस्या होने लगती है। अपनी मानसिक समस्या के चलते वह छात्रों और पुलिस को अपनी बात नहीं बता सका। अनुराग माथुर ने मानसिक आरोग्यशाला का प्रमाण पत्र और उपचार की डिटेल भी दिखाई।
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बुधवार को आशीष एएमयू पर देखा गया। उसके हाथ में कलावा आदि बंधा देखकर छात्रों का ध्यान उधर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। अलीगढ़ पुलिस ने उसकी बताई बातों के आधार पर मथुरा पुलिस को व्हाट्सएप पर विवरण भेजा।
जिसके बाद मथुरा पुलिस ने बताया था कि यह व्यापार में नुकसान होने के कारण मानसिक रूप से परेशान है। परिजनों ने भी मानसिक दशा सही नहीं होने की बात बतायी थी। शुक्रवार को उसके भाई अलीगढ़ आए और जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। देर शाम उसे रिहा कर दिया गया।
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एएमयू कैंपस में बुधवार की रात गेस्ट हाउस नंबर तीन के पास संदिग्ध रूप से घूम रहे युवक मथुरा निवासी आशीष के परिजन शुक्रवार को अलीगढ़ आए और उसे जमानत पर रिहा होने के बाद उसे मथुरा ले गए। उसे पुलिस ने धारा 107/116,151 सीआरपीसी में जेल भेज दिया था।
आशीष के भाई अनुराग माथुर शुक्रवार को विद्यार्थी परिषद के अचल ताल स्थित कार्यालय पर संगठन के ब्रज प्रांत के उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी से मिले। अनुराग ने बताया बताया कि पिछले 9 साल से उसका उपचार आगरा की मानसिक आरोग्यशाला में चल रहा है।
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आशीष शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। जब तक दवा चलती है तब तक वह कुछ सही रहता है, लेकिन जब दवा बंद की जाती है तो उसे मानसिक रूप से समस्या होने लगती है। अपनी मानसिक समस्या के चलते वह छात्रों और पुलिस को अपनी बात नहीं बता सका। अनुराग माथुर ने मानसिक आरोग्यशाला का प्रमाण पत्र और उपचार की डिटेल भी दिखाई।
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बुधवार को आशीष एएमयू पर देखा गया। उसके हाथ में कलावा आदि बंधा देखकर छात्रों का ध्यान उधर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। अलीगढ़ पुलिस ने उसकी बताई बातों के आधार पर मथुरा पुलिस को व्हाट्सएप पर विवरण भेजा।
जिसके बाद मथुरा पुलिस ने बताया था कि यह व्यापार में नुकसान होने के कारण मानसिक रूप से परेशान है। परिजनों ने भी मानसिक दशा सही नहीं होने की बात बतायी थी। शुक्रवार को उसके भाई अलीगढ़ आए और जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। देर शाम उसे रिहा कर दिया गया।