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पहल : माता-पिता खो चुके बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा व चिकित्सा की होगी व्यवस्था
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कासगंज में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की बैठक में उपस्थित डीएम व अन्य अधि?
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। कलक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की गई। कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभ दिए जाने के संबंध में समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता अथवा दोनों की कोरोना से मृत्यु हो गई है, इन बच्चों के कोई करीबी अभिभावक न हो या होने के बाद भी वह उन्हें अपनाना न चाहें या अपनाने में सक्षम न हो तो उनके भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा की व्यवस्था इस योजना में की गई है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 18 वर्ष तक के बच्चों को 4 हजार रुपये प्रति माह की दर से धनराशि प्रदान की जानी है। इसके अतिरिक्त कक्षा 9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को लैपटॉप, टैबलेट एवं बालिकाओं को विवाह के समय रुपये 1,01,000 रुपये की एकमुश्त धनराशि प्रदान की जाएगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत 41 बालक/बालिकाओं का अब तक चिन्हांकन किया गया है। जिला संरक्षण इकाई, वन स्टाप सेंटर, महिला शक्ति केंद्र, चाइल्ड लाइन के विभिन्न कार्मिकों के माध्यम से सभी 41 बच्चों के परिवारजनों से मिलकर उनका आवेदन कराकर सत्यापन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की मदद में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। बैठक में सीडीओ तेज प्रताप मिश्र, एडीएम एके श्रीवास्तव, सीएमओ डा. अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता अथवा दोनों की कोरोना से मृत्यु हो गई है, इन बच्चों के कोई करीबी अभिभावक न हो या होने के बाद भी वह उन्हें अपनाना न चाहें या अपनाने में सक्षम न हो तो उनके भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा की व्यवस्था इस योजना में की गई है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 18 वर्ष तक के बच्चों को 4 हजार रुपये प्रति माह की दर से धनराशि प्रदान की जानी है। इसके अतिरिक्त कक्षा 9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को लैपटॉप, टैबलेट एवं बालिकाओं को विवाह के समय रुपये 1,01,000 रुपये की एकमुश्त धनराशि प्रदान की जाएगी।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत 41 बालक/बालिकाओं का अब तक चिन्हांकन किया गया है। जिला संरक्षण इकाई, वन स्टाप सेंटर, महिला शक्ति केंद्र, चाइल्ड लाइन के विभिन्न कार्मिकों के माध्यम से सभी 41 बच्चों के परिवारजनों से मिलकर उनका आवेदन कराकर सत्यापन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की मदद में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। बैठक में सीडीओ तेज प्रताप मिश्र, एडीएम एके श्रीवास्तव, सीएमओ डा. अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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