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'मैं खून से सने स्ट्रेचर पर पड़ी हूं...प्लीज मुझे बचा लीजिए', प्रसूता के वीडियो से मचा हड़कंप
Sun, 10 May 2020 11:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 10 May 2020 11:03 AM IST
सार
- एसएन में भर्ती प्रसूता ने वीडियो जारी कर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने की मांग की
- मामला संज्ञान में आने पर डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने अस्पताल पहुंचकर देखी व्यवस्था
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के एसएन (सरोजिनी नायडू) मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर शर्मनाक मामला सामने आया है। इमरजेंसी वार्ड में प्रसव के लिए पहुंची छीपीटोला निवासी प्रसूता (38) ने सीजेरियन प्रसव के बाद चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। शनिवार को प्रसूता का वीडियो वायरल हुआ। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
वीडियो जारी कर महिला ने कहा कि प्रसव पीड़ा के बाद शुक्रवार को वो अस्पताल में भर्ती हुई थी। छह घंटे तक कोई डॉक्टर उसके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नहीं पहुंचा। रात नौ बजे ऑपरेशन से उसका प्रसव कराया गया। दो घंटे तक वो खून से सने स्ट्रेचर पर पड़ी रही। रात भर दर्द से तड़पने के बावजूद उसे कोई दवा नहीं दी गई और नवजात को भी उसे नहीं दिखाया गया।
वीडियो में पीड़िता ने बताया कि वो कोरोना पॉजिटिव नहीं है लेकिन ऐसे हालात में वो कोरोना संक्रमण का शिकार हो सकती है। उसने गुहार लगाई कि प्लीज मुझे बचा लीजिए। वीडियो से मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने सीडीओ जे रीभा को जांच के आदेश दिए।
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इस मामले में सीडीओ ने बताया कि महिला कोविड संदिग्ध है और उसे इमरजेंसी से आइसोलेशन में शिफ्ट कर दिया गया है। चिकित्सकों को निर्देश के बाद उसे उपचार मिल गया है।
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वीडियो जारी कर महिला ने कहा कि प्रसव पीड़ा के बाद शुक्रवार को वो अस्पताल में भर्ती हुई थी। छह घंटे तक कोई डॉक्टर उसके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नहीं पहुंचा। रात नौ बजे ऑपरेशन से उसका प्रसव कराया गया। दो घंटे तक वो खून से सने स्ट्रेचर पर पड़ी रही। रात भर दर्द से तड़पने के बावजूद उसे कोई दवा नहीं दी गई और नवजात को भी उसे नहीं दिखाया गया।
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वीडियो में पीड़िता ने बताया कि वो कोरोना पॉजिटिव नहीं है लेकिन ऐसे हालात में वो कोरोना संक्रमण का शिकार हो सकती है। उसने गुहार लगाई कि प्लीज मुझे बचा लीजिए। वीडियो से मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने सीडीओ जे रीभा को जांच के आदेश दिए।
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इस मामले में सीडीओ ने बताया कि महिला कोविड संदिग्ध है और उसे इमरजेंसी से आइसोलेशन में शिफ्ट कर दिया गया है। चिकित्सकों को निर्देश के बाद उसे उपचार मिल गया है।