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23 ग्राम पंचायतों में होगा कचरा का प्रबंधन
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कासगंज। स्वच्छ भारत मिशन ओडीएफ प्लस के तहत अब ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन किया जाएगा, ताकि ग्राम पंचायतों की आय को बढ़ाया जा सके। पहले चरण में जिला की 23 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। शासन से इसके लिए 1.45 करोड़ का बजट भी ग्राम पंचायतों के लिए मिल गया है।
जिला में 423 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन केेेेेे तहत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके बाद अब ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन पर शासन का ध्यान केंद्रित हो गया है। इसके तहत ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे के लिए वर्मी कंपोस्ट पिट, सोख पिट बनाई जाएंगी। इसके बाद ग्राम पंचायतों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग कर जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों की आमदनी का जरिया बन सके। इसके साथ ही ग्राम पंचायतें पूरी तरह से साफ सुथरी बन सकें। इसके लिए जिला में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
इस तरह से दिया गया है धन
आबादी मिला धन
150 तक 7 लाख रुपये
300 तक 12 लाख रुपये
500 तक 20 लाख रुपये
इस तरह होगा कचरा निस्तारण
कचरे में निकलने वाले प्लास्टिक, धातु, कागज, कपड़े, थर्माकोल को अलग कर बिक्री किया जाएगा। जबकि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, घरों से निकलने वाले गंदे पानी को सोखता पिट बनाकर निस्तारित किया जाएगा। जबकि गोबर व अन्य कचरे को बर्मी कंपोस्ट पिट बनाकर खाद तैयार होगी।
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ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन की योजना शासन से शुरू की गई है। पहले चरण में जिला की 23 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसके लिए शासन से बजट भी मिल चुका है। जल्द ही योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - देवेंद्र सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी
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जिला में 423 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन केेेेेे तहत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके बाद अब ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन पर शासन का ध्यान केंद्रित हो गया है। इसके तहत ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे के लिए वर्मी कंपोस्ट पिट, सोख पिट बनाई जाएंगी। इसके बाद ग्राम पंचायतों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग कर जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों की आमदनी का जरिया बन सके। इसके साथ ही ग्राम पंचायतें पूरी तरह से साफ सुथरी बन सकें। इसके लिए जिला में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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इस तरह से दिया गया है धन
आबादी मिला धन
150 तक 7 लाख रुपये
300 तक 12 लाख रुपये
500 तक 20 लाख रुपये
इस तरह होगा कचरा निस्तारण
कचरे में निकलने वाले प्लास्टिक, धातु, कागज, कपड़े, थर्माकोल को अलग कर बिक्री किया जाएगा। जबकि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, घरों से निकलने वाले गंदे पानी को सोखता पिट बनाकर निस्तारित किया जाएगा। जबकि गोबर व अन्य कचरे को बर्मी कंपोस्ट पिट बनाकर खाद तैयार होगी।
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ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन की योजना शासन से शुरू की गई है। पहले चरण में जिला की 23 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसके लिए शासन से बजट भी मिल चुका है। जल्द ही योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - देवेंद्र सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी