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Agra News: अस्पताल में कतार...मरीज को बना रही और बीमार
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एसएन में हो रही दिक्कत, टूटी कुर्सी। संवाद
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बृहस्पतिवार को व्यवस्थाएं चरमराई नजर आईं। मरीजों और उनके तीमारदारों को पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक लंबा इंतजार करना पड़ा। भीड़ के कारण पर्चा काउंटर, दवा वितरण केंद्र और विभिन्न विभागों की ओपीडी में लंबी कतारें लगी रहीं। ओपीडी परिसर में बैठने की व्यवस्था भी बदहाल मिली। कई कुर्सियां टूटी थीं। मरीजों को फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इंतजार के कारण मरीजों की हालत और बिगड़ गई।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार बृहस्पतिवार को ओपीडी में कुल 2,348 मरीजों का पंजीकरण किया गया। खांसी-जुकाम, फ्रैक्चर, शरीर दर्द, टीबी, चेस्ट और खून की जांच से संबंधित मरीज शामिल रहे। भीड़ इतनी थी कि कई बार धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई। पर्चा काउंटर, डिजिटल एक्स-रे कंसोल रूम और अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में सबसे अधिक मरीज रहे। कई मरीजों ने बताया कि केवल पर्चा बनवाने में ही आधे घंटे से अधिक समय लग गया, जबकि डॉक्टर को दिखाने और जांच कराने में और भी देर हुई।
अस्पताल परिसर में बंदरों से भी दहशत
अस्पताल परिसर में बंदरों के झुंड के कारण हर समय भय का माहौल बना रहता है। तीमारदार राजेश ने बताया कि बंदर कई बार आक्रामक होकर हमला भी कर देते हैं। दवाएं और खाने-पीने का सामान छीन ले जाते हैं।
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कुछ दवाएं अस्पताल में नहीं मिलीं
सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज राजू ने बताया कि कुछ दवाएं अस्पताल से मिलीं, लेकिन कुछ दवाएं बाहर से खरीदने की सलाह दी गई।
पर्चा बनवाने में काफी समय लगा
हाथ के इलाज के लिए आए मरीज रवि ने बताया कि काउंटर पर लंबी लाइन थी। इससे पर्चा बनवाने में ही काफी समय लग गया।
टूटी बेंच, कुर्सी की कराई जाएगी मरम्मत
टूटी बेंच, कुर्सी की मरम्मत कराई जा रही है। मरीजों को असुविधा न हो इसके लिए कुछ बेंच भी बढ़ाई जाएंगी। - प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
इन विभाग में आए इतने मरीज
मेडिसिन विभाग : 528
शारीरिक चिकित्सा विभाग : 252
टीबी एवं चेस्ट विभाग : 180
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार बृहस्पतिवार को ओपीडी में कुल 2,348 मरीजों का पंजीकरण किया गया। खांसी-जुकाम, फ्रैक्चर, शरीर दर्द, टीबी, चेस्ट और खून की जांच से संबंधित मरीज शामिल रहे। भीड़ इतनी थी कि कई बार धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई। पर्चा काउंटर, डिजिटल एक्स-रे कंसोल रूम और अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में सबसे अधिक मरीज रहे। कई मरीजों ने बताया कि केवल पर्चा बनवाने में ही आधे घंटे से अधिक समय लग गया, जबकि डॉक्टर को दिखाने और जांच कराने में और भी देर हुई।
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अस्पताल परिसर में बंदरों से भी दहशत
अस्पताल परिसर में बंदरों के झुंड के कारण हर समय भय का माहौल बना रहता है। तीमारदार राजेश ने बताया कि बंदर कई बार आक्रामक होकर हमला भी कर देते हैं। दवाएं और खाने-पीने का सामान छीन ले जाते हैं।
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कुछ दवाएं अस्पताल में नहीं मिलीं
सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज राजू ने बताया कि कुछ दवाएं अस्पताल से मिलीं, लेकिन कुछ दवाएं बाहर से खरीदने की सलाह दी गई।
पर्चा बनवाने में काफी समय लगा
हाथ के इलाज के लिए आए मरीज रवि ने बताया कि काउंटर पर लंबी लाइन थी। इससे पर्चा बनवाने में ही काफी समय लग गया।
टूटी बेंच, कुर्सी की कराई जाएगी मरम्मत
टूटी बेंच, कुर्सी की मरम्मत कराई जा रही है। मरीजों को असुविधा न हो इसके लिए कुछ बेंच भी बढ़ाई जाएंगी। - प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
इन विभाग में आए इतने मरीज
मेडिसिन विभाग : 528
शारीरिक चिकित्सा विभाग : 252
टीबी एवं चेस्ट विभाग : 180

एसएन में हो रही दिक्कत, टूटी कुर्सी। संवाद