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गैस का बिल भेजकर ठगे 5.96 लाख: साइबर शातिरों ने बुजुर्ग को दिया ऐसा झांसा, दो खातों से पार कर दी रकम
Sat, 12 Sep 2026 07:10 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 12 Sep 2026 07:10 PM IST
सार
साइबर शातिरों ने बुजुर्ग को ग्रीन गैस का बिल भुगतान करने के लिए मैसेज भेजा। इसके बाद बुजुर्ग को झांसे में लेकर खाते से करीब छह लाख रुपये की रकम पार कर दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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cyber crime cyber fraud
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
ग्रीन गैस के बिल भुगतान में 13 रुपये मांगकर सिकंदरा के अरविंदपुरम निवासी 64 वर्षीय राधा मोहन श्रीवास्तव से साइबर ठगी कर ली गई। उनके दो बैंक खातों से 5.96 लाख रुपये पार हो गए। शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
राधा मोहन ने पुलिस को बताया कि 6 सितंबर को सुबह 8:41 बजे उनके मोबाइल पर ग्रीन गैस बिल भुगतान का मैसेज आया। दिए नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने उन्हें बिल अपडेट नाम से एपीके फाइल भेजी। फाइल खोलकर फॉर्म भरने के बाद 13 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। भुगतान नहीं हुआ तो ठग ने बातों में फंसाकर बैंक की कस्टमर आईडी, डेबिट कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और सीवीवी हासिल कर लिया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते की जानकारी भी ले ली।
कुछ देर बाद केनरा बैंक के खाते से तीन बार में 5,46,956 रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से पांच बार में 49,680 रुपये निकाल लिए गए। ठगी का पता चलते ही उनके बेटे शुभम श्रीवास्तव ने दोनों खाते फ्रीज कराए और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिन खातों में रकम भेजी गई है। उनकी जांच की जा रही है।
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साइबर ठगी से बचना है तो रहें सतर्क
डीसीपी ने बताया कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। बैंक, गैस कंपनी या किसी सरकारी विभाग के नाम पर फोन करने वाले को बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड न दें। ठगी होते ही तत्काल 1930 पर शिकायत करें और बैंक को सूचना देकर खाता ब्लॉक कराएं।
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राधा मोहन ने पुलिस को बताया कि 6 सितंबर को सुबह 8:41 बजे उनके मोबाइल पर ग्रीन गैस बिल भुगतान का मैसेज आया। दिए नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने उन्हें बिल अपडेट नाम से एपीके फाइल भेजी। फाइल खोलकर फॉर्म भरने के बाद 13 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। भुगतान नहीं हुआ तो ठग ने बातों में फंसाकर बैंक की कस्टमर आईडी, डेबिट कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और सीवीवी हासिल कर लिया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते की जानकारी भी ले ली।
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कुछ देर बाद केनरा बैंक के खाते से तीन बार में 5,46,956 रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से पांच बार में 49,680 रुपये निकाल लिए गए। ठगी का पता चलते ही उनके बेटे शुभम श्रीवास्तव ने दोनों खाते फ्रीज कराए और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिन खातों में रकम भेजी गई है। उनकी जांच की जा रही है।
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साइबर ठगी से बचना है तो रहें सतर्क
डीसीपी ने बताया कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। बैंक, गैस कंपनी या किसी सरकारी विभाग के नाम पर फोन करने वाले को बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड न दें। ठगी होते ही तत्काल 1930 पर शिकायत करें और बैंक को सूचना देकर खाता ब्लॉक कराएं।