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Agra News: नजूल की जमीन के साथ पूरे मार्केट पर कब्जे की तैयारी में प्रशासन

Sat, 21 Feb 2026 02:59 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 02:59 AM IST
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The administration is preparing to take over the entire market along with the Nazul land.
आगरा। राजामंडी बाजार स्थित लाभचंद्र मार्केट के पट्टाधारकों और कब्जेदारों की बेदखली के बीच पूरे मार्केट को सरकार में समाहित करने की प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने 90 साल के दिए गए पट्टे की शर्तों के उल्लंघन को आधार बनाया है। इसमें दुकानों को आगे किराए पर देने व अतिरिक्त निर्माण की शर्त को प्रमुख माना गया है।
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वर्ष 2009 में मिली कई शिकायतों के बाद प्रशासन ने कई स्तर पर जांच कराई। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (वित्त) उदयी राम ने दुकानदारों की ओर से की गई शिकायत और जांच के आधार पर तत्कालीन अपर नगर आयुक्त को पत्र लिखा था। उसमें पट्टे की शर्तों का उल्लंघन होने पर पूरी जमीन व बिल्डिंग सरकार के पक्ष में समाहित होने की बात कही गई थी।
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कहा गया कि पट्टा देते समय स्पष्ट किया गया था कि पट्टेदार जमीन को किराए पर अथवा निर्माण नहीं कर सकेगा। चूंकि पट्टे की जमीन पर बने भवन पर रिहायशी व व्यावसायिक दुकानें बनाने की अनुमति थी। दुकानों को किराए पर तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में दिया गया और किराया भी तय किया गया। हालांकि मौजूदा समय में दुकानों को आगे किराए पर दिए जाने की बात कही जा रही है।
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साथ ही प्रशासन व नगर निगम होटल को भी अतिरिक्त निर्माण मान रहा है। ऐसे में अब नजूल की जमीन का पट्टा निरस्त होने के बाद बाकी जमीन व भवन सरकार में निहित करने पर विचार किया जा रहा है। पट्टा निरस्त होने के बाद प्रशासन पहले ही अवैध निर्माण तोड़ने पर कदमताल तेज कर चुका है। नजूल की भूमि पर नगर निगम कब्जा लेने की तैयारियों के बीच जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने नगर आयुक्त को नोटिस जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


शर्तों का नहीं किया उल्लंघन


पट्टे की शर्तों में जमीन को आगे किराए पर न देने की बात कही गई थी। दुकानों को खुद तत्कालीन प्रशासन ने किराए पर दिया था। हमने जमीन किसी को भी किराए पर नहीं दी है। प्रशासन की पूरी कार्रवाई एकतरफा और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के दबाव में की जा रही है। सिविल न्यायालय में निरस्तीकरण की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही न्याय मिलेगा। - प्रदीप जैन, पट्टाधारक
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