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लाइक-कमेंट और शेयर: ऐसे जाल में फंसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती...गवां बैठी 6.22 लाख रुपये; जानें पूरा मामला

Tue, 21 May 2024 07:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 21 May 2024 07:00 AM IST
सार

 साॅफ्टवेयर इंजीनियर युवती को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा दिया। युवती से  6.22 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। 

 

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Software engineer girl lured into investing in crypto currency defrauded of Rs 6.22 lakh
साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आगरा में साइबर अपराधियों ने साॅफ्टवेयर इंजीनियर युवती से 6.22 लाख रुपये की ठगी कर ली। इंस्टाग्राम पर घर बैठे कमाई का लालच देकर टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ लिया। फर्जी पोर्टल पर फायदा दर्शाकर खाते में रकम जमा कराते रहे। युवती ने रकम मांगा तो टैक्स नहीं भरने पर जेल का भय दिखाया। मामले में साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है।
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भगवान काॅलोनी, शाहगंज निवासी राशि तिवारी के साथ वारदात हुई। वह साॅफ्टवेयर इंजीनियर हैं। राजस्थान में नौकरी करती हैं। पिछले दिनों अपने घर आई थीं। उन्होंने बताया कि 9 मई को इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा। इसमें घर बैठे कमाई के बारे में बताया गया था। विज्ञापन पर क्लिक करने पर वो टेलीग्राम से जुड़ गईं। उसमें वीडियो लाइक और शेयर करने पर कमाने का लालच दिया गया। वह झांसे में आ गईं। उन्हें वीडियो भेजे गए। लाइक और कमेंट कराए गए। इसके बाद एक दूसरे ग्रुप से जोड़ा गया। इसमें क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर अच्छी कमाई के बारे में बताया गया।
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50 हजार के दिखा दिए 1.50 लाख
उनसे पहले एक हजार रुपये लिए गए। कुछ घंटे में खाते में 1300 रुपये लौटा दिए गए। इसके बाद 3000 रुपये लिए गए, 5000 भेजे गए। उन्हें लगा कि क्रिप्टो करेंसी में काफी फायदा है। बाद में उन्हें 5000 के बदले 10,000 दिए गए। 50 हजार रुपये जमा करने पर बैलेंस के रूप में 1.50 लाख रुपये दिखाए गए। राशि ने बताया कि साइबर अपराधियों ने फर्जी पोर्टल बना रखा था, जिस पर हर समय लोगों का बैलेंस दर्शाया जाता था। साथ ही कई लोग ग्रुप पर फायदा होने के मैसेज करते रहते थे। उन्होंने बैलेंस रकम खाते में भेजने के लिए कहा तो बिना टैक्स भरे रकम लेने पर जेल का भय दिखाया गया। इससे वह घबरा गईं। उनसे 17 मई तक 6.22 लाख रुपये ले लिए गए। मगर, हर बार रकम लौटाने के बजाय और जमा करने की कहने लगे। उन्होंने परिवार को बताया। रविवार को साइबर थाना में शिकायत की। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

 

साइबर ठगी पर लें पुलिस की मदद
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर आने वाले विज्ञापन की जांच करके ही भरोसा करना चाहिए। चैटिंग और कॉल के माध्यम से कोई कमाई का लालच देकर रकम की मांग करता है तो समझ जाएं ठगी की जाने वाली है। साइबर ठगी होने पर सबसे पहले पुलिस की मदद लें।

 
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