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Agra News: जिले से रहा है शेरवानी का पुराना रिश्ता
Sun, 21 Jul 2024 11:35 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 21 Jul 2024 11:35 PM IST
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कासगंज। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद सलीम इकबाल शेरवानी का जिले से पुराना रिश्ता रहा है। वे यहां सांसद भी रहे और लगभग 90 वर्ष पूर्व उनके पिता ने यहां शुगर मिल स्थापित की। बड़ी संख्या में उनके समर्थक जिले में हैं।
शेरवानी का परिवार स्थाई रूप से इलाहाबाद में रहता है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी से उन्होंने स्नातक की शिक्षा ग्रहण की। परिवार के उद्योगों को संचालित किया। पूर्व सांसद शेरवानी ने पहली बार कांग्रेस की टिकट पर 1984 में बदायूं-कासगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। वह सन् 1996 में सपा से सांसद बने और भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बने। सन् 1998, 1999 एवं 2004 में वह फिर सपा से सांसद चुने गए। उन्होंने सन्1996 का चुनाव समाजवादी पार्टी की टिकट पर लड़ा।
इसी वर्ष फरवरी माह में राज्य सभा टिकट वितरण पर असंतोष जताते हुए उन्होंने पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। पूर्व सांसद शेरवानी असंतुष्ट तो रहे, लेकिन उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी के चुनाव प्रसार में हिस्सा लेते रहे। सपा मुखिया द्वारा इस्तीफा स्वीकार करने पर उनके समर्थक डॉ. लायक अली, बाबू अहमद, असरार सेफी ने खुशी जाहिर की। सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूर्व सासंद शेरवानी का इस्तीफा स्वीकार न करने का अच्छा निर्णय लिया है।
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शेरवानी का परिवार स्थाई रूप से इलाहाबाद में रहता है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी से उन्होंने स्नातक की शिक्षा ग्रहण की। परिवार के उद्योगों को संचालित किया। पूर्व सांसद शेरवानी ने पहली बार कांग्रेस की टिकट पर 1984 में बदायूं-कासगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। वह सन् 1996 में सपा से सांसद बने और भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बने। सन् 1998, 1999 एवं 2004 में वह फिर सपा से सांसद चुने गए। उन्होंने सन्1996 का चुनाव समाजवादी पार्टी की टिकट पर लड़ा।
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इसी वर्ष फरवरी माह में राज्य सभा टिकट वितरण पर असंतोष जताते हुए उन्होंने पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। पूर्व सांसद शेरवानी असंतुष्ट तो रहे, लेकिन उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी के चुनाव प्रसार में हिस्सा लेते रहे। सपा मुखिया द्वारा इस्तीफा स्वीकार करने पर उनके समर्थक डॉ. लायक अली, बाबू अहमद, असरार सेफी ने खुशी जाहिर की। सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूर्व सासंद शेरवानी का इस्तीफा स्वीकार न करने का अच्छा निर्णय लिया है।
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