Agra: कमीशन की आड़ में वीआईपी की सुरक्षा से खिलवाड़, अमेरिकी नौसेना सचिव सहित कई लोग हुए फर्जी गाइडों का शिकार
आगरा में कमीशन की आड़ में वीआईपी की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। यहां अमेरिकी नौसेना सचिव सहित कई लोग फर्जी गाइडों का शिकार हो चुके हैं।
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ताजनगरी आगरा में ताजमहल, आगरा किला से लेकर फतेहपुर सीकरी तक कमीशन की आड़ में वीआईपी की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। अमेरिकी नौसेना सचिव, वियतनाम के रक्षामंत्री और अल सल्वाडोर का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल फर्जी गाइडों को शिकार हो चुका है।
फर्जी गाइड व लपकों की एंपोरियम से सांठगांठ हैं। विदेशी पर्यटकों को घुमाने के बाद खरीदारी के लिए एंपोरियम ले जाते हैं। जहां मार्बल आइटम, ताजमहल स्मृति चिह्न, पेठा व चाय पत्ती के नाम पर हजारों रुपये की ठगी होती है। विदेशी मुद्रा में भुगतान होता है। जिसमें फर्जी गाइड और उसे लगाने वाले तक को कमीशन मिलता है।
20 नवंबर 2022 को अमेरिकी नौसेना सचिव कार्लोस डी टेरो ताजमहल देखने आए थे। उन्हें लपके असद आलम खान ने फर्जी गाइड बनकर स्मारक का दीदार कराया था। जिसकी शिकायत रक्षा मंत्री से की गई थी। शिकायत के 11 महीने बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
18 व 19 जून 2023 को वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग भारत के दौरे पर आए थे। दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने के बाद वह ताजमहल देखने के लिए आगरा आए। यहां शाकिर कुरैशी नाम के फर्जी गाइड ने रक्षामंत्री के प्रतिनिधिमंडल को ताजमहल घुमाया।
चार अगस्त 2023 को अल सल्वाडोर के राजनायिकों के 36 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को शहनवाज नामक फर्जी गाइड ने ताजमहल घुमाया। फिर एंपोरियम से खरीदारी कराई। तत्कालीन डीएम नवनीत सिंह ने जांच के आदेश दिए, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
प्रोटोकॉल, पुलिस व पर्यटन की सांठगांठ
ताजमहल, आगरा किला व फतेहपुर सीकरी संरक्षित स्मारक हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का नियंत्रण है। वीआईपी विजिट की सूचना सबसे पहले एडीएम प्रोटोकॉल कार्यालय आती है। यहां से एएसआई, पुलिस व पर्यटन को सूचित किया जाता है। एप्रूव्ड गाइडों का कहना है कि वीआईपी से कमीशन और ठगी में प्रोटोकॉल, पुलिस व पर्यटन विभाग की सांठगांठ है। इससे इन पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है।
सबकी हो रही जांच
वीआईपी या विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले, उनसे ठगी करने वाले सभी फर्जी गाइडों की जांच हो रही है। -सैयद अरीब अहमद, एसीपी ताज सुरक्षा