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यूपी: डॉ. निर्मला यादव के बारे में जान लें ये खास बातें, जो उन्होंने खुद बताईं; राम मंदिर ट्रस्ट में मिली जगह
Thu, 03 Sep 2026 03:53 PM IST
Dhirendra Singh
पीटीआई
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Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 03 Sep 2026 03:53 PM IST
सार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवनियुक्त सदस्य डॉ. निर्मला यादव ने कहा कि भगवान की कृपा से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने प्रशासन, व्यवस्था, सुविधाओं और सुरक्षा में सुधार के लिए पूरी निष्ठा, मेहनत और ईमानदारी से काम करने की बात कही।
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प्रो. निर्मला यादव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन की सर्वोच्च संस्था श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शिकोहाबाद के प्रतिष्ठित उरावर हाउस की बहू प्रो. निर्मला यादव को ट्रस्टी सदस्य मनोनीत किया गया है। डॉ. निर्मला यादव ने कहा कि इस पद के लिए भगवान ने उन्हें चुना है। वो इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने के लिए तैयार हैं।
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बता दें मंदिर ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। इसके साथ ही तीन नए सदस्यों को ट्रस्ट में शामिल किया है, जिसमें शिक्षाविद् डॉ. निर्मला यादव, अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और कारोबारी और समाजसेवी महेश भगचंदका भी शामिल हैं।
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पीटीआई से बातचीत में डॉ. निर्मला यादव ने कहा कि 'मैं सिर्फ इतना कहूंगी कि पूरे देश में से मुझे चुना गया है। ये इस बात का संकेत है कि भगवान ने मुझे चुना है। उनकी दृष्टि और कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मेरे चयन में किसी और की कोई भूमिका नहीं है। भगवान की कृपा मेरे परिवार और मुझ पर हमेशा रही है।'
डॉ. निर्मला यादव ने कहा कि वे नई जिम्मेदारी पर पूरी निष्ठा से काम करेंगी। आगे कहा कि 'प्रशासन हो, व्यवस्थाएं हों, सुविधाएं हों या सुरक्षा, जहां भी सुधार की गुंजाइश होगी, मैं अपने सुझाव दूंगी और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास करूंगी।' उन्होंने आगे कहा कि 'अब रामलला का बुलावा आया है तो मुझे पूरी निष्ठा के साथ काम करना है।'
प्रो. निर्मला यादव का पारिवारिक इतिहास
प्रो. निर्मला यादव का ससुराल पक्ष और उरावर हाउस का इतिहास देश सेवा, सैन्य योगदान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राममंदिर आंदोलन से जुड़ा रहा है। प्रो. निर्मला यादव के ससुर स्वः सूर्य कुमार यादव भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे आरएसएस में सक्रिय हुए और संघ के विभाग संचालक के दायित्व का निर्वहन किया।
प्रो. निर्मला यादव का ससुराल पक्ष और उरावर हाउस का इतिहास देश सेवा, सैन्य योगदान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राममंदिर आंदोलन से जुड़ा रहा है। प्रो. निर्मला यादव के ससुर स्वः सूर्य कुमार यादव भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे आरएसएस में सक्रिय हुए और संघ के विभाग संचालक के दायित्व का निर्वहन किया।
प्रो. निर्मला यादव के पति स्व. हरेंद्र यादव बाबा ने वकालत की पढ़ाई पूरी की थी, परंतु कानून के पेशे के बजाय उन्होंने संघ की विचारधारा को चुना। वर्ष 1980 से 2002 तक आरएसएस में सक्रिय रहे हरेंद्र बाबा वर्ष 1992 के ऐतिहासिक राममंदिर आंदोलन के दौरान जेल भी गए थे। भाजपा ने उन्हें शिकोहाबाद नगर पालिका अध्यक्ष पद का टिकट दिया था, जिसे त्यागकर उन्होंने संगठन सेवा को प्राथमिकता दी थी। वर्ष 2021 में कासगंज के सोरों जी में रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिलने से उनकी असमयिक और रहस्यमयी मृत्यु हो गई थी।
निर्मला यादव के जेठ स्व. योगेंद्र सिंह यादव अपने वायुसेना अधिकारी पिता से प्रेरित होकर संघ में आए और जिला संचालक तक रहे। वे आपातकाल के दौरान जेल गए थे और बाद में 1992 के अयोध्या आंदोलन के दौरान भी कारागार में बंद रहे। प्रो. निर्मला यादव की एक पुत्री श्वेता हैं, जिनका विवाह जोधपुर में हुआ है और उनके दामाद मुकेश कुमार वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल में कमांडेंट के पद पर तैनात हैं।