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बहने आज बांधेगी भाइयों की कलाई पर प्यार
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कासगंज। कोरोना महामारी का दंश रक्षाबंधन के त्योहार पर भी है। लेकिन डाक विभाग भाई-बहन के इस प्यार के बीच एक सेतु बना है। पोस्टमैन लगातार डाक से आने वाली राखियों को भाईयों तक पहुंचा रहे हैं। सोमवार को भी डाक विभाग राखी बंटवाएगा। इस बार करीब 40 फीसदी अधिक राखियां अन्य वर्षों के मुकाबले डाक विभाग में पहुंची हैं। इससे विभाग का काम तो बढ़ा है, लेकिन विभाग प्राथमिकता से राखियों को भाइयों तक पहुंचा रहा है।
रक्षाबंधन पर्व पर आमतौर पर बहने और भाई एक दूसरे के घर राखी बंधवाने और बांधने जाते हैं। दूरस्थ इलाकों में रहने वाले भाई बहन रेल के माध्यम से जाते थे, लेकिन इस बार कोरोना के चलते ट्रेनों का आम संचालन बंद है। इसके चलते तमाम भाई बहन एक दूसरे के घर नहीं आ जा पा रहे। हालांकि समीपवर्ती इलाकों के लिए बसों की सेवाएं संचालित हैं, लेकिन इन बसों से भी औसत से कम यात्री यात्रा कर रहे हैं। रक्षाबंधन के पर्व पर जो भीड़ का आलम रहता था। वह दिखाई नहीं दे रहा। परिवहन निगम का मानना है कि केवल 50 फीसदी सवारियां ही निकल पा रहीं हैं।
- हर बार हम अपनी बहन के यहां राखी बंधवाने के लिए कानपुर जाते थे, लेकिन इस बार कानपुर जाने का ट्रेन का कोई साधन नहीं है। ऐसी स्थिति में बहन ने डाक से ही राखी भेेजी है। खुद ही बहन को याद करके राखी बांध लेंगे। कोरोना के चलते आने जाने से परहेज करना ही बेहतर है।- अमन गुप्ता।
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- हर रक्षाबंधन पर मैं अपने घर भाइयों के राखी बांधने जाती थी, लेकिन इस बार कोरोना के कारण नहीं जा पा रहे हैं। भाइयों को काफी मिस करुंगी। वीडियो कॉल के माध्यम से भाईयों से बात करूंगी। राखियां पहले ही भेज दी हैं।- संगीता।
40 फीसदी डाक अधिक आई
- कोरोना महामारी के चलते बहनों ने तमाम बाधाओं को देखते हुए डाक विभाग पर भरोसा किया है। इस बार 40 फीसदी अधिक राखियां डाक विभाग में आई हैं। जिनका प्राथमिकता से वितरण कराया जा रहा है। आज पर्व के दिन भी राखियों का वितरण होगा। - राजेंद्र कुमार, डिप्टी पोस्ट मास्टर।
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रक्षाबंधन पर्व पर आमतौर पर बहने और भाई एक दूसरे के घर राखी बंधवाने और बांधने जाते हैं। दूरस्थ इलाकों में रहने वाले भाई बहन रेल के माध्यम से जाते थे, लेकिन इस बार कोरोना के चलते ट्रेनों का आम संचालन बंद है। इसके चलते तमाम भाई बहन एक दूसरे के घर नहीं आ जा पा रहे। हालांकि समीपवर्ती इलाकों के लिए बसों की सेवाएं संचालित हैं, लेकिन इन बसों से भी औसत से कम यात्री यात्रा कर रहे हैं। रक्षाबंधन के पर्व पर जो भीड़ का आलम रहता था। वह दिखाई नहीं दे रहा। परिवहन निगम का मानना है कि केवल 50 फीसदी सवारियां ही निकल पा रहीं हैं।
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- हर बार हम अपनी बहन के यहां राखी बंधवाने के लिए कानपुर जाते थे, लेकिन इस बार कानपुर जाने का ट्रेन का कोई साधन नहीं है। ऐसी स्थिति में बहन ने डाक से ही राखी भेेजी है। खुद ही बहन को याद करके राखी बांध लेंगे। कोरोना के चलते आने जाने से परहेज करना ही बेहतर है।- अमन गुप्ता।
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- हर रक्षाबंधन पर मैं अपने घर भाइयों के राखी बांधने जाती थी, लेकिन इस बार कोरोना के कारण नहीं जा पा रहे हैं। भाइयों को काफी मिस करुंगी। वीडियो कॉल के माध्यम से भाईयों से बात करूंगी। राखियां पहले ही भेज दी हैं।- संगीता।
40 फीसदी डाक अधिक आई
- कोरोना महामारी के चलते बहनों ने तमाम बाधाओं को देखते हुए डाक विभाग पर भरोसा किया है। इस बार 40 फीसदी अधिक राखियां डाक विभाग में आई हैं। जिनका प्राथमिकता से वितरण कराया जा रहा है। आज पर्व के दिन भी राखियों का वितरण होगा। - राजेंद्र कुमार, डिप्टी पोस्ट मास्टर।