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राखी 2021: रक्षा सूत्र का रखा मान, भाई ने खून देकर बचाई जान, वृद्धाश्रम की महिलाओं को त्योहार का इंतजार
Fri, 20 Aug 2021 11:23 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:23 AM IST
सार
कमला नगर में रहने वाली अनामिका लाल को उनके भाई अनुज लाल पांच बार रक्त देकर उनके जीवन के रक्षक बने हुए हैं। अनामिका गठिया रोग से पीड़ित हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें पांच बार रक्त की जरूरत पड़ी। उनके भाई अनुज उनके लिए हर बार आगे आए।
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राखी 2021: भाई ने दिया बहन को रक्त बचाई जान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ ही बहन की रक्षा का वचन निभाने वाले इन भाइयों में से कई ऐसे हैं जिनकी बहन को बीमारी के समय खून की जरूर पड़ी। ऐसे में वह बहन के जीवन की रक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने बहन को खून देकर उसके जीवन की रक्षा की। इनमें से कई भाई ऐसे हैं जो जरूरत पड़ने पर बहन को पांच बार तक रक्त दे चुके हैं।
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बहन के लिए पांच बार किया रक्तदान
कमला नगर में रहने वाली अनामिका लाल को उनके भाई अनुज लाल पांच बार रक्त देकर उनके जीवन के रक्षक बने हुए हैं। अनामिका गठिया रोग से पीड़ित हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें पांच बार रक्त की जरूरत पड़ी। उनके भाई अनुज उनके लिए हर बार आगे आए।
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रक्षा कवच का फर्ज निभा रहा भाई
आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले वासुदेव रक्षा कवच के फर्ज को लगातार निभा रहे हैं। उनकी बहन पुष्पा कैंसर से पीड़ित हैं। इसलिए जब भी पुष्पा को रक्तदान की जरूरत पड़ती है। तब-तब वासुदेव रक्तदान कर उसके जीवन की रक्षा करता है।
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वृद्ध आश्रम की महिलाओं को राखी का इंतजार
- फोटो : अमर उजाला
बेघर बहन से रक्षा सूत्र बंधवाने आश्रम पहुंचेंगे भाई
बेघर कर दी गई बहन से रक्षा सूत्र बंधवाने के लिए भाई रामलाल वृद्ध आश्रम पहुंचेंगे। हर साल रक्षाबंधन पर बहन के घर पहुंचकर राखी बंधवाते थे। आश्रम में रह रहीं कुछ बहनों को रक्षाबंधन पर जब उनके भाई के आने के बारे में खबर मिली, तो खुशी के आंसू छलक आए।
आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस बार आश्रम में रह रहीं सात बहनों के भाई राखी बंधवाने आ रहे हैं। बहनों के चेहरे पर परिवार के किसी सदस्य के आने की खुशी दिखाई दे रही है। महिलाओं को रक्षाबंधन का बेसब्री से इंतजार है।
भाई से खूब बातें करूंगी: आइलिन लाल
अर्जुन नगर निवासी 70 साल की आइलिन लाल पिछले तीन साल से आश्रम में रह रही हैं। रक्षाबंधन पर इस बार उनका भाई सोनू आ रहा है। उनका कहना है कि काफी दिनों बाद भाई से खूब बातें करूंगी। जब से मुझे पता चला कि मेरा भाई आ रहा है, तमाम यादें ताजा हो उठी हैं।
थाली सजाकर करूंगी तिलक: मीना देवी
एक साल पहले विभव नगर निवासी 68 साल की मीना देवी आश्रम पहुंची थीं। मीना देवी के चेहरे पर काफी समय बाद खुशी दिखी, जब भाई जितेंद्र के रक्षाबंधन पर आने की खबर मिली। भाई के लिए उन्होंने आश्रम में रह रहे सेवादारों से राखी भी मंगवा ली है। उन्होंने कहा कि चंदन-रोली की थाली सजाकर अपने भाई का तिलक करूंगी।
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बेघर कर दी गई बहन से रक्षा सूत्र बंधवाने के लिए भाई रामलाल वृद्ध आश्रम पहुंचेंगे। हर साल रक्षाबंधन पर बहन के घर पहुंचकर राखी बंधवाते थे। आश्रम में रह रहीं कुछ बहनों को रक्षाबंधन पर जब उनके भाई के आने के बारे में खबर मिली, तो खुशी के आंसू छलक आए।
आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस बार आश्रम में रह रहीं सात बहनों के भाई राखी बंधवाने आ रहे हैं। बहनों के चेहरे पर परिवार के किसी सदस्य के आने की खुशी दिखाई दे रही है। महिलाओं को रक्षाबंधन का बेसब्री से इंतजार है।
भाई से खूब बातें करूंगी: आइलिन लाल
अर्जुन नगर निवासी 70 साल की आइलिन लाल पिछले तीन साल से आश्रम में रह रही हैं। रक्षाबंधन पर इस बार उनका भाई सोनू आ रहा है। उनका कहना है कि काफी दिनों बाद भाई से खूब बातें करूंगी। जब से मुझे पता चला कि मेरा भाई आ रहा है, तमाम यादें ताजा हो उठी हैं।
थाली सजाकर करूंगी तिलक: मीना देवी
एक साल पहले विभव नगर निवासी 68 साल की मीना देवी आश्रम पहुंची थीं। मीना देवी के चेहरे पर काफी समय बाद खुशी दिखी, जब भाई जितेंद्र के रक्षाबंधन पर आने की खबर मिली। भाई के लिए उन्होंने आश्रम में रह रहे सेवादारों से राखी भी मंगवा ली है। उन्होंने कहा कि चंदन-रोली की थाली सजाकर अपने भाई का तिलक करूंगी।
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