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वकील की मौत में बुरी फंसी पुलिस: पसलियां चकनाचूर... फट गईं दिमाग की नसें; पोस्टमार्टम रिपोर्ट देख कांप गई रूह
Mon, 04 Mar 2024 10:29 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 04 Mar 2024 10:29 AM IST
सार
आगरा में दबिश के दौरान वकील की मौत के मामले में पुलिस बुरी तरह फंस गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। वकील की पसलियां चकनाचूर हो गई थीं। दिमाग की नसें फट गईं थी।
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Advocate Death Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में अपहरण कर बैनामे के मामले में पुलिस ने अधिवक्ता सुनील शर्मा की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। इस दौरान अधिवक्ता की आठवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस कठघरे में है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस अमूमन अपने ऊपर दर्ज मुकदमों में कार्रवाई नहीं करती। केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। मगर, इस मामले में पुलिसकर्मी फंस गए हैं।
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मृतक की पत्नी सुनीत शर्मा ने जो तहरीर दी है, उसमें लिखा कि पुलिसवालों ने मेरा दरवाजा खुलवाया। मुझसे कहा कि अपने पति को थाना न्यू आगरा भेज देना। तुम्हारे पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। करीब 10 मिनट बाद ही पुलिसवालों ने जबरन मेरे घर का मुख्य द्वार तोड़ दिया। पति को घर के अंदर से गाली देते हुए बगल वाले फ्लैट में ले गई।
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बताया कि मुझे बंधक बना लिया। 5-7 मिनट बाद ही पति के चीखने की आवाज आई। शोर मचाते हुए बाहर निकली तो 8-10 पुलिसवाले, जिसमें राजीव सिंह, अनुराग सिंह सहित अन्य थे, ये सभी लोग मिलकर पति को फ्लैट संख्या 802 की बालकनी से फेंक रहे थे। शोर करने पर भी पति को आठवीं मंजिल से फेंक दिया। इसी आधार पर हत्या का केस दर्ज हुआ है। मामले में वादी भी अधिवक्ता की पत्नी हैं।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
मंगलम आधार अपार्टमेंट में शुक्रवार रात को आठवीं मंजिल से गिरकर अधिवक्ता की मौत से पहले पुलिस की दबिश का एक वीडियो रविवार को प्रसारित हो गया। इसमें एसओ न्यू आगरा राजीव कुमार सहित अन्य पुलिस वाले नजर आ रहे हैं। अधिवक्ता की पत्नी भी वारंट दिखाने की बात करती सुनी जा सकती हैं।
दिवंगत अधिवक्ता के परिजन की ओर से प्रसारित किया वीडियो तमाम अधिवक्ता ग्रुप पर पहुंच गया है। वीडियो 45 सेकंड का है। इसमें दिख रहा है कि तत्कालीन एसओ न्यू आगरा लिफ्ट के पास खड़े हुए हैं। वह बगल के फ्लैट के बारे में पूछ रहे हैं। कहते हैं कि यह फ्लैट भी आपका है। अधिवक्ता की पत्नी कहती हैं कि हमारा क्यों हैं। डॉ. रूही का है। एक दरोगा और नजर आते हैं। उनके सिर पर बाल भी नहीं हैं।
जमानत करा लें, या हाजिर हो जाएं
पत्नी सुनीता कहते हुए सुनी जा सकती हैं कि ये सब लोग बिना मेरी परमिशन के, बिना मुझे कुछ भी दिखाए, वारंट के आए हैं। इसमें एसओ कहते हैं कि मैं बता रहा हूं आपको आपके पति के खिलाफ थाना न्यू आगरा पर एक मुकदमा पंजीकृत है। इस पर सुनीता कहती हैं कि वह मुझे भी पता है, लेकिन कम से कम उसके लिए वारंट लेकर, कुछ लेकर आते रात के समय। ताकि क्या जोड़ा है, क्या बनाया है।
एसओ कहते हैं कि जो मुकदमे में मुल्जिम है, उसमें वारंट नहीं होते हैं। आप अपने पति को भेज देना। या तो वो अपनी जमानत करा लें, या फिर हाजिर हो जाएं। इस वीडियो को देखने के बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शॉकिंग हेमरेज
पुलिस के मुताबिक, अधिवक्ता के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टर के पैनल से कराया। इसकी वीडियोग्राफी भी की गई। इसकी रिपोर्ट में अधिवक्ता की मौत का कारण शॉकिंग हेमरेज से होना आया है। मंगलम आधार अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरने के कारण अधिवक्ता की पसलियां चकनाचूर हो गईं थीं।
यही नहीं दिमाग की नसें फट गईं। सिर में गहरी चोट लगी है। पूरे शरीर पर चोट लगी। अत्यधिक खून बह गया। अधिवक्ता का अपार्टमेंट से गिरने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। इसमें वो छाती के बल जमीन पर गिरते नजर आए थे। शरीर बिल्कुल भी हिलता-डुलता नहीं है।