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DBRAU: आगरा विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि पढ़ाने की तैयारी, तैयार कराया जा रहा है पाठ्यक्रम
Fri, 16 Jun 2023 03:45 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
हितेश सिंह, आगरा
हितेश सिंह, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 16 Jun 2023 03:45 PM IST
सार
बीएससी कृषि का पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए भूमि की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। अब यह देखना होगा कि छलेसर कैंपस में उतनी भूमि उपलब्ध है या नहीं। कृषि कार्य के लिए भूमि का उपयोग किया जाता है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छलेसर कैंपस में बीएससी कृषि पढ़ाने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन भूमि का चिह्नांकन कराने के साथ पाठ्यक्रम का प्रारूप भी तैयार करा रहा है। कोशिश है कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 में ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं।
वर्तमान में विश्वविद्यालय से संबद्ध 14 कॉलेजों में ही बीएससी कृषि पढ़ाई जा रही है। जबकि पाठ्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों का रुझान अधिक है। प्रतिवर्ष सीट की अपेक्षा अधिक विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त होते हैं। आरबीएस कॉलेज में तो प्रत्येक सीट के सापेक्ष सात से आठ आवेदन प्राप्त होते हैं।
कोरोनाकाल के पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय बीएससी की प्रवेश परीक्षा कराकर कॉलेजों को विद्यार्थी आवंटित करता था। पाठ्यक्रम के प्रति रुझान को देखते हुए ही विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में इसके संचालन की योजना बनाई गई है। अभी आगरा के 9, मथुरा के 2, मैनपुरी के 1 और फिरोजाबाद के 2 कॉलेजों में बीएससी कृषि पढ़ाई कराई जा रही है।
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वर्तमान में विश्वविद्यालय से संबद्ध 14 कॉलेजों में ही बीएससी कृषि पढ़ाई जा रही है। जबकि पाठ्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों का रुझान अधिक है। प्रतिवर्ष सीट की अपेक्षा अधिक विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त होते हैं। आरबीएस कॉलेज में तो प्रत्येक सीट के सापेक्ष सात से आठ आवेदन प्राप्त होते हैं।
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कोरोनाकाल के पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय बीएससी की प्रवेश परीक्षा कराकर कॉलेजों को विद्यार्थी आवंटित करता था। पाठ्यक्रम के प्रति रुझान को देखते हुए ही विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में इसके संचालन की योजना बनाई गई है। अभी आगरा के 9, मथुरा के 2, मैनपुरी के 1 और फिरोजाबाद के 2 कॉलेजों में बीएससी कृषि पढ़ाई कराई जा रही है।
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भूमि की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी
जानकारों के मुताबिक बीएससी कृषि का पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए भूमि की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। अब यह देखना होगा कि छलेसर कैंपस में उतनी भूमि उपलब्ध है या नहीं। कृषि कार्य के लिए भूमि का उपयोग किया जाता है। उसी परिसर में शारीरिक शिक्षा के पाठ्यक्रम चल रहे हैं। उसके लिए भी पर्याप्त मैदान होना जरूरी है।ये भी पढ़ें - UP: पत्नी के मोबाइल में थी ऐसी तस्वीर, देखते ही आपा खो बैठा पति; बेरहमी से मारकर यमुना में फेंकी लाश