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Agra News: बुजुर्गों के साथ न हो साइबर ठगी, इसलिए बैंक का सहारा लेगी पुलिस...जानें क्या है रणनीति
Thu, 13 Nov 2025 09:46 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Nov 2025 09:46 AM IST
सार
बुजुर्गों के साथ साइबर ठगी के मामलों को रोकने के लिए साइबर क्राइम थाने की पुलिस बैंककर्मियों का सहयोग लेगी। पुलिस बैंकों में जाकर बैंककर्मियों से संवाद करेगी।
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साइबर अपराध
- फोटो : AI Image- Freepik
विस्तार
बुजुर्गों के साथ साइबर ठगी के मामलों को रोकने के लिए साइबर क्राइम थाने की पुलिस बैंककर्मियों का सहयोग लेगी। पुलिस बैंकों में जाकर बैंककर्मियों से संवाद करेगी। उनसे अपील करेगी कि 55 वर्ष से अधिक आयु वाले ग्राहकों के दो लाख या उससे अधिक की रकम के ट्रांसफर करने, एफडी तुड़वाने आदि को जल्द करने की हड़बड़ाहट दिखे तो उनसे बात जरूर करें। शंका पर पुलिस को सूचना दें।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी रीता यादव ने बताया कि साइबर ठग अधिकतर 55 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। वह अच्छे पढ़े लिखे बुजुर्ग को भी अपने झांसे में ले लेते हैं। उन्हें सीबीआई, ईडी, क्राइम ब्रांच व आयकर विभाग आदि के छापे का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट के लिए मजबूर कर लेते हैं।
इसके बाद उनके खातों की जानकारी ले लेते हैं। उनसे खातों की जांच के नाम पर रुपये को अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते हैं। खास बात यह है कि ठगी का शिकार होने वाले लोग खुद बैंक जाकर रुपयों को ठगों के बताए खाते में डालकर आते हैं। उनकी जीवन भर की कमाई को एक पल में ले जाते हैं। इन्हें रोकने में बैंक कर्मी अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। इसके लिए साइबर थाना पुलिस शहर के बैंक-बैंक जाएगी। वहां कार्यरत कर्मियों से संवाद करेगी। साइबर ठगी के तरीकों के बारे में बताएगी।
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साइबर क्राइम थाना प्रभारी रीता यादव ने बताया कि साइबर ठग अधिकतर 55 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। वह अच्छे पढ़े लिखे बुजुर्ग को भी अपने झांसे में ले लेते हैं। उन्हें सीबीआई, ईडी, क्राइम ब्रांच व आयकर विभाग आदि के छापे का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट के लिए मजबूर कर लेते हैं।
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इसके बाद उनके खातों की जानकारी ले लेते हैं। उनसे खातों की जांच के नाम पर रुपये को अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते हैं। खास बात यह है कि ठगी का शिकार होने वाले लोग खुद बैंक जाकर रुपयों को ठगों के बताए खाते में डालकर आते हैं। उनकी जीवन भर की कमाई को एक पल में ले जाते हैं। इन्हें रोकने में बैंक कर्मी अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। इसके लिए साइबर थाना पुलिस शहर के बैंक-बैंक जाएगी। वहां कार्यरत कर्मियों से संवाद करेगी। साइबर ठगी के तरीकों के बारे में बताएगी।
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