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लापरवाही: आगरा के आठ इलाकों में खोदकर छोड़ी सड़कें, 60 हजार लोग परेशान, उड़ रहे धूल के गुबार

Sat, 07 May 2022 02:52 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 07 May 2022 02:52 PM IST
सार

आगरा में पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके लिए कई इलाकों में सड़कें खोदी गई हैं, लेकिन पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत तो दूर गड्ढे भी नहीं भरे गए हैं। 

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People facing problems due to digging on the roads in agra
असोपा हॉस्पिटल के पास सड़क पर गड्ढे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में पानी की पाइपलाइन बिछाने के बाद गैलाना, ककरैठा सहित शहर के आठ इलाकों की सड़कों की मरम्मत तो दूर गड्ढे भी नहीं भरे गए हैं। इन गड्ढों के कारण यहां रहने और यहां से गुजरने वाले करीब 60 हजार लोग परेशान हैं। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद यहां का हाल और बुरा हो गया। सड़क पर कीचड़ और गड्ढों में भरा पानी हादसों को न्योता दे रहे हैं। गैलाना में डॉ. असोपा नर्सिंग होम समेत चार अस्पताल हैं, जहां एंबुलेंस का निकलना मुश्किल हो गया है। 

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गैलाना और ककरैठा की तरह जलनिगम ने शहर में बोदला, पश्चिमपुरी, आवास विकास कॉलोनी, जगदीशपुरा, सुभाष नगर, अलबतिया रोड में सड़कों की खोदाई कर पानी की लाइनें बिछाईं पर एक साल से उनका निर्माण नहीं किया। 

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शांतिपुरम में एक महीने पहले खोदे गड्ढे में मिट्टी न भरी

बैनारा फैक्टरी के पीछे शांतिपुरम में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा वाली वाटिका में जलनिगम ने पंपिंग स्टेशन और जलाशय बनाया है। इसके ठीक सामने सड़क पर पाइपलाइन की चेकिंग के लिए गड्ढा खोदा। 10 फुट लंबे और 8 फुट गहरे गड्ढे को बीचोबीच खोदकर छोड़ दिया गया। निकलने के लिए यहां जगह नहीं छोड़ी। चार पहिया वाहन, एंबुलेंस का निकलना यहां से मुश्किल है। 

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यहां बोदला-शाहगंज रोड पर आठ अस्पताल हैं, जहां इस गड्ढे के कारण लोगों का निकलना मुश्किल है। दो पहिया वाहन नाली के किनारे से होकर निकल रहे हैं। 200 मीटर लंबी सड़क को पानी की लाइन बिछाने के लिए खोदकर छोड़ दिया गया है, जहां शुक्रवार को बारिश के बाद पानी भर गया। गड्ढे के कारण लोगों को यहां से पैदल निकलने में भी गिरने का डर बना रहा।

सुभाष नगर : डिप्टी सीएम से की शिकायत

जलनिगम ने पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम सुभाष नगर में 14 महीने पहले किया था। चिरंजीव सेवा सदन से कलाकुंज होते हुए मारुति एस्टेट तक पानी की लाइनें बिछाई गईं, एक साल से ज्यादा समय से सड़कें खोदी पड़ी है। सुभाष नगर में 400 मीटर लंबी सड़क का हिस्सा पूरी तरह से गायब हो गया। 

गड्ढों के कारण पहले बिछाई गई सड़क की सतह से 8 से 10 इंच तक लेवल नीचे हो गया। क्षेत्रीय लोगों ने सड़क की खोदाई वाली जगह पर मरम्मत और डामरीकरण की मांग की थी, पर एक साल से सुनवाई नहीं हुई। सुभाष नगर के योगेंद्र कुमार, राजीव कुमार, मनीष शर्मा आदि ने शुक्रवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से जलनिगम की शिकायत की और सड़क बनवाने की मांग की। 

धूल से सांस लेने में परेशानी

ककरैठा के पूर्व पार्षद मुकेश यादव ने कहा कि क्षेत्र की गलियों को खोदकर छोड़ दिया गया है। धूल उड़ने से लोगों को सांस की समस्या होने लगी है। सड़क मोटरेबल बनाने की हम लोग लगातार मांग कर रहे हैं, पर जलनिगम के अधिकारी सुन नहीं रहे। 

पैदल निकलने का रास्ता नहीं छोड़ा

ककरैठा की पार्षद विक्लेश यादव ने कहा कि हमने क्षेत्र में नई सड़कें बनवाई थीं, खोदकर सब बर्बाद कर दीं। लोगों के पैदल निकलने तक का रास्ता नहीं छोड़ा। जलनिगम अधिकारी बार-बार झूठ बोल रहे हैं। दो महीने हो गए, पर अब तक सड़कों को मोटरेबल नहीं किया। लोगों के सब्र का बांध अब टूट रहा है।

दलील : बना रहे कार्ययोजना

जलनिगम विश्व बैंक इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार गौतम ने कहा कि जिन सड़कों को खोदकर छोड़ दिया है, वहां हर सुबह निरीक्षण करके कार्ययोजना बना रहे हैं। गैलाना, ककरैठा में सप्ताह भर के अंदर सड़क मोटरेबल कर दी जाएगी, जबकि अन्य जगह जहां कनेक्शन बाकी है, वहां कनेक्शन के बाद ही सड़क बनाएंगे। 

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