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स्वाधीनता दिवस 2023: आजाद हिंद फौज में दिखाया था अदम्य साहस, 15 अगस्त को संसार से विदा हो गए थे भगवान सिंह
Tue, 15 Aug 2023 10:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 15 Aug 2023 10:30 PM IST
सार
आजाद हिंद फौज में अदम्य साहस दिखाने वाले आगरा के भगवान सिंह को लोगों ने स्वाधीनता दिवस पर नमन किया। आज भी उनकी गौरव गाथा यादकर लोगों का सीना फक्र से चौड़ा हो जाता है।
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स्वाधीनता दिवस 2023: आगरा के भगवान सिंह ने आजाद हिंद फौज में दिखाया था अदम्य साहस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के मलपुरा विकासखंड क्षेत्र के बाद गांव निवासी भगवान सिंह ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई। आजाद हिंद फौज में सेवा देते समय उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया था। वह सुभाष चंद्र बोस से प्रेरित होकर सेना में भर्ती हुए। इसके बाद देश को आजाद कराने के लिए आजादी की क्रांति में उतर पड़े। स्वाधीनता दिवस पर उनके बलिदान को पूरे गांव के साथ देश भर में लोगों ने नमन किया।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान सिंह 24 अक्टूबर 1939 को सेना में भर्ती हुए थे। उन्हें आजादी के 25वें स्वतंत्रता दिवस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरफ से ताम्रपत्र भेंट करके सम्मानित किया गया। वहीं 1972 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी ने कृतज्ञता पूर्वक गौरव योगदान के लिए उन्हें पुरस्कृत किया।
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भगवान सिंह को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरफ से ताम्रपत्र भेंट करके सम्मानित किया था
- फोटो : अमर उजाला
उनके सुपुत्र अनेक सिंह ने बताया कि पिता के देहांत के समय पर वह करीब 14 साल के थे। पिताजी बताते थे कि अंग्रेजों ने उन्हें जेल में रखकर कई सालों तक प्रताड़ित किया। देश की स्वतंत्रता पिताजी का सपना था। वह कहते थे कि मैं जब अपना शरीर त्यागूं तो वह दिन स्वतंत्रता दिवस हो। यदि ऐसा हुआ को मेरा जीवन धन्य हो जाएगा।
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पिताजी का यह सपना पूरा हुआ। पिता जी 15 अगस्त 1988 को इस संसार से विदा हुए। आज हम सभी सात भाइयों को अपने पिताजी की गौरव गाथा पर गर्व है। बताया कि इसके बाद कुछ वर्षों बाद 30 मई 2013 को हमारी वीरांगना मां धर्मपत्नी सफेदी देवी भी इस दुनिया को अलविदा कह गईं। उनके सबसे छोटे बेटे मातेंद्र सिंह आज ऑटो चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं।
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