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परिषदीय स्कूलों का बिजली बिल चुकाएगी पंचायत
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परिषदीय विद्यालयों पर बकाया करोड़ों रुपये के बिजली बिल को अब बेसिक शिक्षा विभाग नहीं बल्कि ग्राम पंचायतें भरेंगी।
इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। ग्राम पंचायतें भुगतान कराने में जुट गई हैं।
जिले में दो हजार से अधिक परिषदीय विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इनमें से डेढ़ हजार से अधिक विद्यालयों में बिजली के कनेक्शन हैं। लंबे समय से बिजली बिल का नियमित भुगतान न होने के चलते एक-एक स्कूल पर हजारों रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने नया आदेश जारी किया है।
जिलाधिकारी को उन्होंने ग्राम पंचायतों के राज्य वित्त खाते में उपलब्ध धनराशि से बकाया बिल का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में जिले के परिषदीय विद्यालयों पर विभाग का लगभग सात करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देश जारी कर ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता के आधार पर स्कूलों का बकाया बिल भुगतान कराने को कहा है।
बकाया बिल भुगतान के बाद प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी होगी कि वह बिजली बिल का स्कूल के संचालन के दौरान ही उपयोग कर रहे हैं। इसके लिए प्रतिमाह प्रधानाध्यापक ग्राम पंचायतों को एक लिखित प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद ही ग्राम पंचायत से बिजल बिल का भुगतान होगा। साथ ही ग्राम पंचायतों को नियमित रूप से भुगतान करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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शासन से आदेश आया है कि बिजली के बकाया बिल का भुगतान ग्राम पंचायत से किया जाए। इसके लिए सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देशित किया गया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। ग्राम पंचायतें भुगतान कराने में जुट गई हैं।
जिले में दो हजार से अधिक परिषदीय विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इनमें से डेढ़ हजार से अधिक विद्यालयों में बिजली के कनेक्शन हैं। लंबे समय से बिजली बिल का नियमित भुगतान न होने के चलते एक-एक स्कूल पर हजारों रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने नया आदेश जारी किया है।
जिलाधिकारी को उन्होंने ग्राम पंचायतों के राज्य वित्त खाते में उपलब्ध धनराशि से बकाया बिल का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में जिले के परिषदीय विद्यालयों पर विभाग का लगभग सात करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देश जारी कर ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता के आधार पर स्कूलों का बकाया बिल भुगतान कराने को कहा है।
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बकाया बिल भुगतान के बाद प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी होगी कि वह बिजली बिल का स्कूल के संचालन के दौरान ही उपयोग कर रहे हैं। इसके लिए प्रतिमाह प्रधानाध्यापक ग्राम पंचायतों को एक लिखित प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद ही ग्राम पंचायत से बिजल बिल का भुगतान होगा। साथ ही ग्राम पंचायतों को नियमित रूप से भुगतान करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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शासन से आदेश आया है कि बिजली के बकाया बिल का भुगतान ग्राम पंचायत से किया जाए। इसके लिए सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देशित किया गया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।