फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Panchayat elections 2015 attack on police CO City and head constable were injured

UP: पंचायत चुनाव 2015...पुलिस पर हमला, सीओ सिटी और हेड कांस्टेबल हुए थे जख्मी; कोर्ट में साबित नहीं हो सका

Sat, 31 May 2025 11:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 31 May 2025 11:43 AM IST
सार

मैनपुरी में पंचायत चुनाव 2015 में गांव अंजनी में बवाल हुआ। पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें सीओ सिटी और हेड कांस्टेबल जख्मी हो गए थे। पुलिस अपनी दी गई थ्योरी को कोर्ट में साबित नहीं कर सकी। 
 

विज्ञापन
Panchayat elections 2015 attack on police CO City and head constable were injured
court new - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी में 2015 के पंचायत चुनाव के दौरान गांव अंजनी में हुए बवाल, पुलिस पर हमले आदि के आरोपी डिग्री कॉलेज संचालक अंजनी के पूर्व प्रधान ओमेंद्र सिंह यादव को एडीजे की काेर्ट ने शुक्रवार को बरी कर दिया। पुलिस खुद पर हुए हमले के भी कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य और गवाह पेश नहीं कर सकी। साक्ष्यों और गवाही के आधार पर कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए ओमेंद्र सिंह यादव को बरी कर दिया।
विज्ञापन


घटना 17 अक्तूबर 2015 की है। थाना बिछवां में तत्कालीन सीओ सिटी शैलेंद्र लाल ने केस दर्ज कराया था। आरोप था कि अंजनी स्थित प्राइमरी पाठशाला में क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्यों का मतदान हो रहा था। जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि मतदान केंद्र के बाहर काफी भीड़ है सभी आक्रामक हैं। यह लोग मतदान स्थल पर फर्जी मतदान कर प्रत्याशी विशेष का सहयोग कर रहे हैं और बूथ कैप्चरिंग भी कर सकते हैं।
विज्ञापन


 

इस सूचना पर दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस पहुंची थी। भीड़ को समझाने व हटाने का प्रयास किया। तभी ग्राम अंजनी के प्रवेश कुमार, प्रमोद यादव प्रधान व सचिन, पंक्षी, नीरज, टीटू, दीपू, राहुल, नवदीप, ओमेंद्र सिंह यादव संचालक डिग्री कॉलेज अपने करीब 150 साथियों सहित एक राय होकर हाथों में तमंचे, ईंट-पत्थर से जान से मारने की नियत से पुलिस वालों हमलावर हो गए। इससे वादी मुकदमा सीओ शैलेंद्र लाल और हेड कांस्टेबल भूरी सिंह सिर को सिर में चोट लगी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए कई राउंड फायर भी किए थे। इस मामले में पुलिस ने जांच कर कोर्ट में ओमेंद्र सिंह यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

 

कोर्ट में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अपने-अपने साक्ष्य व गवाह पेश कि गए। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों को अवलोकन करने के बाद यह पाया कि पुलिस अपनी थ्योरी ही साबित नहीं कर सकी। अपराध का स्वरूप सामूहिक होते हुए भी अभियोजन का संपूर्ण दारोमदार मात्र एक घायल साक्षी की अस्पष्ट गवाही पर टिका रहा, जिसकी पुष्टि करने वाला कोई अन्य स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में अभियुक्त ओमेंद्र पर सरकारी जीप में तोड़फोड़ करने, लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस को भयभीत करने के लिए आपराधिक बल प्रयोग करने एवं पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने का आरोप संदेहास्पद रहा। पुलिस के कमजोर साक्ष्यों व गवाही के कारण आरोपी ओमेंद्र सिंह को संदेह का लाभ कोर्ट से मिल गया।

 
विज्ञापन

आगरा के डाॅ. बीआर आंबेडकर विवि के वरिष्ठ सहायक की हत्या में भी ओमेंद्र हुआ था नामजद
आगरा के डाॅ. बीआर आंबेडकर विवि के परीक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक सतेंद्र सिंह (47) की 12 फरवरी 2016 को विश्वविद्यालय के पास ही पालीवाल पार्क में गोली मारकर हत्या की गई थी। सतेंद्र सिंह मूल रूप से बमरौली अहीर के थे। विवि में भर्ती होने के बाद वह शाहगंज के गयासपुरा में राजीव टॉकीज के पास हाथी वाली गली में रह रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed