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एसआईटी ने खंगाले महीनों पुराने सीसीटीवी फुटेज
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07एमएनपी-37-जवाहर नवोदय विद्यालय के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। नवोदय में छात्रा की कथित हत्या के मामले की जांच में एसआईटी हर पहलू पर जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस जांच में जो मुद्दे बेकार समझकर छोड़ चुकी है, एसआईटी को वहीं से छात्रा की मौत के सुराग मिलने की उम्मीद है। इसी के चलते एसआईटी अब महीनों पुराने सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच कर रही है।
जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई छात्रा की मौत के मामले में सबसे पहले पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे थे। लेकिन विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की जद में गर्ल्स हॉस्टल न होने से पुलिस ने जांच में सीसीटीवी फुटेज को किनारे कर दिया था। वहीं एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज को ही खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी का मानना है कि अगर सीसीटीवी कैमरों की जद में गर्ल्स हॉस्टल नहीं है तो भी उसमें परिसर में आने जाने वालों के फोटो तो होंगे ही। इससे एसआईटी को अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद है। इसके लिए लगातार टीम कई-कई घंटों तक सीसीटीवी फुटेज देख रही है। इसके साथ ही मुख्य गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी एसआईटी जांच में अहम मान रही है, क्योंकि इसमें उन लोगों के फुटेज होंगे, जिनका नियमित विद्यालय में आना जाना था। वहीं अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति भी विद्यालय में आया है तो उसकी भी जानकारी हो सकेगी।
छात्रा के बारे में भी मिलेगी जानकारी
एसआईटी विद्यालय परिसर के अन्य कैमरों के सीसीटीवी फुटेज को छात्रा के बारे में जानकारी लेने के लिए खंगाल रही है। इसके लिए कई महीनों के फुटेज देखे जा रहे हैं, ताकि ये पता चल सके कि छात्रा का विद्यालय में व्यवहार कैसा था और किन-किन छात्राओं के साथ उसकी दोस्ती थी। मौत के पहले अगर उसके व्यवहार में कोई बदलाव आया था तो इस बारे में भी फुटेज से अहम जानकारी मिल सकती है।
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जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई छात्रा की मौत के मामले में सबसे पहले पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे थे। लेकिन विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की जद में गर्ल्स हॉस्टल न होने से पुलिस ने जांच में सीसीटीवी फुटेज को किनारे कर दिया था। वहीं एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज को ही खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी का मानना है कि अगर सीसीटीवी कैमरों की जद में गर्ल्स हॉस्टल नहीं है तो भी उसमें परिसर में आने जाने वालों के फोटो तो होंगे ही। इससे एसआईटी को अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद है। इसके लिए लगातार टीम कई-कई घंटों तक सीसीटीवी फुटेज देख रही है। इसके साथ ही मुख्य गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी एसआईटी जांच में अहम मान रही है, क्योंकि इसमें उन लोगों के फुटेज होंगे, जिनका नियमित विद्यालय में आना जाना था। वहीं अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति भी विद्यालय में आया है तो उसकी भी जानकारी हो सकेगी।
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छात्रा के बारे में भी मिलेगी जानकारी
एसआईटी विद्यालय परिसर के अन्य कैमरों के सीसीटीवी फुटेज को छात्रा के बारे में जानकारी लेने के लिए खंगाल रही है। इसके लिए कई महीनों के फुटेज देखे जा रहे हैं, ताकि ये पता चल सके कि छात्रा का विद्यालय में व्यवहार कैसा था और किन-किन छात्राओं के साथ उसकी दोस्ती थी। मौत के पहले अगर उसके व्यवहार में कोई बदलाव आया था तो इस बारे में भी फुटेज से अहम जानकारी मिल सकती है।
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