राष्ट्रीय सिलाई मशीन दिवस 2022: पिता की विरासत को सहेज रहा बेटा, 150 साल पुरानी सिलाई मशीनों का संग्रह कर देगा कायल
राष्ट्रीय सिलाई मशीन दिवस हर साल 13 जून को मनाया जाता है। सबसे पहले लंदन में 1790 में थामस सेंट ने लकड़ी और पीतल से सिलाई मशीन का एक डिजाइन तैयार किया था। हालांकि एक दौर वो था जब हर घर में सिलाई मशीन हुआ करती थी, लेकिन बदलते समय के साथ इनका चलन भी कम हो गया है।
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पिता के शौक को किस तरह विरासत मानकर सहेजा जाता है, इसकी मिसाल देखनी है तो कमला नगर का रुख करना पड़ेगा। पिता के संग्रह का शौक लगा तो पुरानी से पुरानी सिलाई मशीन को घर में सजा लिया। आलम ये है पिता की मौत के बाद बेटे कुलदीप ने उनके सिलाई मशीन के प्रेम को वसीयत मानकर सहेजने का बीड़ा उठाया है। उन्होनें 150 साल पुरानी 70 सिलाई मशीनों का संग्रह इकट्ठा कर लिया है।
कुलदीप वर्मा बताते है कि सिलाई मशीन संग्रह में पिता ओम प्रकाश वर्मा का प्रमुख योगदान रहा। उनकी मेहनत की बदौलत ही अमेरिका, इंग्लैंड, जापान और जर्मनी की मशीन जमा हो सकीं। आज तक 150 वर्ष पुरानी 70 सिलाई मशीनों का संग्रह कर रखा है। इसमें सिंगर, पफ, जूकी, टाइटन, जॉन्स, फ्रिस्टर एंड रोस्मान, व्हीलर एंड विल्सन और जनडप आदि कंपनियों की मशीन हैं। 2015 में पिता की मृत्यु के बाद कुलदीप संग्रह को बढ़ा रहे हैं।
150 वर्ष पुरानी बोट शटल सिलाई मशीन
इसमें टाइटन कंपनी की 150 वर्ष पुरानी बोट शटल सिलाई मशीन मॉडल12 के, सिंगर कंपनी की 125 वर्ष पुरानी बुलेट शटल सिलाई मशीन शामिल है। उन्होने बताया कि सबसे पहले लंदन में 1790 में थॉमस सेंट ने लकड़ी और पीतल सिलाई मशीन की डिजायन बनाई, लेकिन 10 सितंबर 1846 को एलियास होव ने सफल सिलाई मशीन बनाकर पेटेंट करवाया। इस वजह से प्रत्येक वर्ष 10 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सिलाई मशीन दिवस मनाया जाने लगा। 13 जून को राष्ट्रीय सिलाई मशीन दिवस मनाया जाता है। वर्तमान में 4000 से भी ज्यादा तरह की सिलाई मशीन अनेक कार्यों के लिए प्रयोग की जा रही हैं।
संग्रह में राज घराने में उपयोग होने वाली मशीन भी
कुलदीप वर्मा ने बताया कि संग्रह में 1865 की दुर्लभ मशीन भी है। इसका शटल नाव की आकृति का है, इसके बीस साल बाद के मॉडल में शटल बुलेट के जैसा दिखता है। सिलाई मशीनों में राल्स रॉयस कहीं जाने वाली और इंग्लैंड के राज घराने में उपयोग होने वाली सिंगर कंपनी की 201के मशीन भी शामिल है।