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मैनपुरी सड़क हादसा: मां की गोद ने बचा ली दो मासूमों की जान, खरोंच तक नहीं आई...चली गई चार महिलाओं की जान
Sun, 21 Apr 2024 01:37 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Sun, 21 Apr 2024 01:37 PM IST
सार
कहते हैं कि जाको राखे साइयां मार सके न कोय, यह कहावत भोगांव क्षेत्र में द्वारिकापुर पर सटीक तो नहीं है। लेकिन ट्राॅली में अपनी मां की गोद में सो रहे मासूमों पर सटीक बैठती है। हादसे में मासूमों के लिए मां की गोद सुरक्षा ढाल की काम आई।
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Mainpuri Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैनपुरी के भोगांव में ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में ट्रॉली सवार चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हुए। इस बीच मां के आंचल में लिपटे दो मासूमों के लिए गोद सुरक्षा की ढाल बन गई। ट्राॅली में बैठे किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं लगी। सभी को प्राथमिक उपचार से राहत मिल गई।
बिछवां क्षेत्र के गांव बेलधारा से शनिवार की तड़के ट्रैक्टर-ट्राॅली में सवार हुए लोगों में अधिक संख्या महिलाओं की थी। मां की गोद में बच्चे किसी भी भय से परे गहरी नींद में सोए हुए थे। अभी कुछ ही दूरी तय हुई थी कि अचानक एक तेज धमाका हुआ और ट्रैक्टर-ट्राॅली पलट गई। हादसे में ट्राॅली में बैठी सभी महिलाएं घायल हुईं। लेकिन दो मासूम जो अपनी मां की गोद में थे, उनके लिए मां की गोद एक सुरक्षा ढाल की तरह बन गई।
किसी भी मासूम को गंभीर चोट नहीं लगी। सभी मां की गोद में सुरक्षित रहे। घटनास्थल पर अफरा-तफरी के लिए बीच सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्चों को देखने के बाद प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। हालांकि हादसे में चार महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। जोकि उनके परिवारों के लिए बड़ी क्षति से कम नहीं है।
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बिछवां क्षेत्र के गांव बेलधारा से शनिवार की तड़के ट्रैक्टर-ट्राॅली में सवार हुए लोगों में अधिक संख्या महिलाओं की थी। मां की गोद में बच्चे किसी भी भय से परे गहरी नींद में सोए हुए थे। अभी कुछ ही दूरी तय हुई थी कि अचानक एक तेज धमाका हुआ और ट्रैक्टर-ट्राॅली पलट गई। हादसे में ट्राॅली में बैठी सभी महिलाएं घायल हुईं। लेकिन दो मासूम जो अपनी मां की गोद में थे, उनके लिए मां की गोद एक सुरक्षा ढाल की तरह बन गई।
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किसी भी मासूम को गंभीर चोट नहीं लगी। सभी मां की गोद में सुरक्षित रहे। घटनास्थल पर अफरा-तफरी के लिए बीच सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्चों को देखने के बाद प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। हालांकि हादसे में चार महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। जोकि उनके परिवारों के लिए बड़ी क्षति से कम नहीं है।
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